October 20, 2014

हाइकु

मन के दीए
-डॉ. भावना कुँअर
1
दीप -कतारें
चमकीले सितारे
अँधेरा हारे।
2
चाँद बेचारा
देख दीपशिखाएँ
मुँह छुपाए।
3
मनकेदीए
जब मित्रों ने छुए
रौशन हुए।
-0-
-डॉ हरदीप सन्धु
1
दीवाली रात
दीप बने बाराती
झूमे आँगन।
2
मिट्टी का दिया
चप्पा -चप्पा बलता
बिखरती लौ।
3
दीवट दिया
भीतर औ बाहर
घर रौशन।
-0-
-अनिता ललित
1
चलो जलाएँ
बूढ़ी ,सूनी आँखों में
आस के दीप।
2
साथ तुम्हारा
जीवन सँवारता
करे उजाला।
3
तुम जो आए
अँधेरे जीवन में
रौशनी लाए।
-0-
-ज्योत्स्ना प्रदीप
1
रात में भोर
दीपों का जमघट
क्रांति की ओर ।
2
न जात-पात
न देखे दिन-रात
दीप तो जले ।
3
सहमा तम
दीपक तले छुपा
कुछ रूआँसा ।
-0-
-सुभाष लखेड़ा
1
जलाएँ दीये
अज्ञान जो मिटाएँ
सबके लिए।
2
रोशनी मिले
दिवाली को उन्हें
चाहिए जिन्हें।
3
चेहरे खिलें
दीप से दीप जलें
जब भी कहीं। 
-0-
-गुंजन अग्रवाल
1
जी भर जिया
बुझने से पहले
नन्हा- सा दीया ।
2
नेह की बाती
अँधेरे को समेट
बाहें फैलाती ।
3
फैला प्रकाश
कुम्हार का सृजन
नन्हा -सा सूर्य ।
-0-
-डॉ.सुरेन्द्र वर्मा  
1
फूटी किरणें
स्नेह- भरे दीपों की
फूटे अनार ।
2
खुशियाँ लाई
यह अमा की रात
जगमगाई  ।
3
स्नेह उड़ेलो
स्वयं ही बनो दीप
उजियारा दो ।
-0-
-कृष्णा वर्मा
1
दीप -वर्तिका
तिल-तिल जलके
बाँटे प्रकाश।
2
दीया औ बाती
अमा का स्याह तन
उजला बनाती।
-0-
-रेखा रोहतगी
1
करे संघर्ष
हवा से नन्हा दीया
फैलाए हर्ष ।

4 Comments:

Anita Lalit (अनिता ललित ) said...

सभी हाइकु अतिसुन्दर।
भावना जी, हरदीप जी, ज्योत्स्ना जी, सुभाष जी,गुंजन जी, डॉ सुरेन्द्र जी, कृष्णा जी, रेखा जी आप सभी को हार्दिक बधाई !
मेरे हाइकु को स्थान देने का ह्रदय से आभार रत्ना जी !

~सादर
अनिता ललित

सुनीता अग्रवाल "नेह" said...

सभी हाइकू बेहतरीन ..सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई :)

Dr.Bhawna said...

Sabhi haiku manbhavan

प्रियंका गुप्ता said...

सभी हाइकु बहुत अच्छे लगे...| भावप्रवण और सामयिक हाइकु के लिए सभी हाइकुकारों को हार्दिक बधाई...|

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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