February 21, 2013

दो लघुकथाएँ



-जगदीश राय कुलरिया
1-कीमत
मैंने कहा जी! आप कब के शराब पीने लगे हो। आपको पता है कि टाइम क्या हुआ है... रात के बारह बजने को हैं। अपना शाम आज पहली दफा फैक्टरी गया है और अभी तक घर नहीं लौटा है। मेरा मन बहुत घबरा रहा है भागवती अपने पति सेठ राम लाल से बोली।
वह कौन सा दूघ पीता बच्चा है। आ जाएगा फालतू में क्यों टेंशन ले रही हो। थोड़ा इंतजार करो। नहीं तो कोई फोन वगैरह करके पता करता हूँ। कुछ ही समय पश्चात दरवाजे की घंटी बजने से भागवती के साँस में साँस आता है।
क्यों बेटा इतना लेट, आज कल का समय बहुत खराब है मेरी तो जान मुट्ठी में आई पड़ी थी। भगवती एकदम बोली।
अरे! कोई फोन ही कर देता तेरी माँ बड़ी चिंता कर रही थी, चल बता कि तुझे अपनी फैक्टरी कैसी लगी? रामलाल ने अपने बेटे से पूछा।
फैक्टरी तो ठीक है पापा जी! पर मेरी समझ में ये बात नहीं आ रही कि आप ने वहा पर सिर्फ बाहर के ही मजदूर क्यों रखे हुए हैं, जब कि अपने पंजाबी लोग तो यहाँ पर खाली घूमते फिर रहे हैं।
बेटा! तुम्हारी समझ में नाहीं आवे ये बातें
 कैसे पापा जी?
तुझे तो पता ही है कि हमारी फैक्टरी में कैसा काम है, मामूली सी लापरवाही से ही मजदूर की मौत हो जाती है, यदि इन में से कोई मजदूर मर खप जाए तो यह दस बीस हजार रुपये लेकर समझौता कर लेते हैं और अपने वाले तो लाखों की बात करते है।
सेठ राम लाल ने खिसियानी हँसी हँसते हुए शराब का एक और पैग अपने अंदर डाल लिया।

फेसबुक
मेरी फेसबुक की फ़्रेंड लिस्ट में औरो के अतिरिक्त मेरी छात्राएँ भी शामिल है। यह ऑन लाइन कभी कभार मेरे से मार्गदर्शन भी प्राप्त करती रहती है। अभी मैने फेसबुक आन ही की है कि दबादब अपडेट्स आने शुरू हो गए है। मेरी छात्र रिंपी ने आज फिर आपनी प्रोफाईल पिक्चर चेंज कर दी है। सौभाग्य से यह आनलाइन भी है।
मैसेज आता है... सर, नमस्कार।
नमस्कार... क्या बात आज फिर फोटो चेंज कर डाली ...किसकी है यह? मैने पूछा हैं।
सर ... हीरोइन है ...कैटरीना कैफ!
जवाब पढ़ते ही सिर घूमने लग जाता है कि आजकल के बच्चों को हो क्या गया है।
मैं फिर पूछता हूँ ...बेटा ... इसकी फोटो क्यों लगाई है ...।
सर ... कोई हमारी फोटो का मिस यूज न कर डालें, इसी लिए लगाई है। उसने लिखा है।
वह तो ठीक है बेटे ... मगर आप सिर्फ  ऐक्टरस की फोटो ही क्यों लगाते हो ... मदर टेरेसा और किरण बेदी की क्यों नही?
मेरे इतना लिखते ही, रिंपी ऑफ लाइन हो गई।
संपर्क: 46, एम्पलाइज कालोनी, बरेटा जिला मानसा (पंजाब)- 151501,
MO. 095018-77033 Email: jagdishkulrian@gmail.com

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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