June 12, 2009

इस अंक के लेखक

अविनाश वाचस्पति
14 दिसंबर 1958 का जन्म। दिल्ली विश्वविद्यालय से कला स्नातक। सभी साहित्यिक विधाओं में समान रूप से लेखन। व्यंग्य, कविता एवं फिल्म पत्रकारिता विषयक आलेख प्रमुखता से पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। हरियाणवी फीचर फिल्म 'गुलाबो' 'छोटी साली' और 'जर, जोरू और जमीन' में प्रचार और जनसंपर्क । नेत्रदान पर बनी हिंदी टेली फिल्म 'ज्योति संकल्प' में सहायक निर्देशक के तौर पर कार्य । वर्तमान में फिल्म समारोह निदेशालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, नई दिल्ली से संबद्ध। पता- साहित्यकार सदन, पहली मंजिल, 195 सन्त नगर, नई दिल्ली 110065  मोबाइल 09868166586
ईमेल-avinashvachaspati@gmail.com
मुकुन्द कौशल
7 नवम्बर 1947 को दुर्ग के एक गांधीवादी गुजराती परिवार में जन्में मुकुन्द कौशल हिन्दी, छत्तीसगढ़ी एवं उर्दू सहित गुजराती में भी लेखन करते हैं। देशभर की पत्र-पत्रिकाओं में 1960 से शताधिक रचनाएं प्रकाशित जिसमें प्रमुख सात काव्य संग्रह सहित 20 समवेत काव्य संकलनों में रचनाएं सम्मिलित। धारावाहिकों, टेलीफिल्मों व फीचर फिल्मों सहित 30 से अधिक ऑडियो एलबम्स के लिए गीत लेखन। 25 से अधिक पुरस्कार व सम्मान। सम्प्रति- स्वतंत्र लेखन
पता - एम-516, पद्मनाभपुर, दुर्ग- 491001 छत्तीसगढ़, मोबाइल - 093294-16167
नाजि़म नकवी
उत्तर प्रदेश के जिला रायबरेली, ऊंचाहार में जन्म। बीए इलाहाबाद से, शायरी का चस्का इसी शहर ने लगाया। अपने क़स्बे के नाम पर नाजि़म मुस्तफ़ाबादी के तख़ल्लुस से लिखना शुरू किया। पत्रकार बनने का सपना कभी नहीं टूटा, घरवालों की नाराजग़ी के बावजूद भी नहीं। छोटे से साप्ताहिक समाचार-पत्र इलाहाबाद केशरी के संपादन से जेब ख़र्च की कमी को पूरा किया। अपने क़स्बे से एक शाम का दैनिक समाचार 'ऊंचाहार मेलÓ की शुरूआत की जो सिर्फ 45 अंक के बाद बंद करना पड़ा।  दिल्ली आए जहां विनोद दुआ की शरण में जगह मिल गई, स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर। तब से लेकर आजतक, पिछली एक दहाई से टीवी और फि़ल्मों की दुनिया में कुछ सार्थक कर पाने की जुगत में हैं।
पता- 2nd Floor, Plot No. 634, Sector 1, Vaishali, Ghaziabad
   Blog - http://awaazkepremi.blogspot.com
नितीन जानकीदास देसाई
27 जुलाई 1967 को जन्म। पुणे विद्यापीठ से एम ए हिंदी (अनुवाद), बैंकिग और सूचना तकनीक विषयों पर लेखन, मानव संबंध और स्वभाव पर कविताएं, वर्तमान में बैंक में अधिकारी।
 ईमेल- nitin67j@gmail.com

डॉ. सिद्धार्थ खरे


1977 से पत्रकारिता (प्रिंट व टेलीविजन) 2002 में बेस्ट रिपोर्टिंग के लिए माधव राव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय- शोध संस्थान भोपाल द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी अवार्ड। मध्यप्रदेश असेंबली प्रेस एडवाइजरी गैलरी के पूर्व सदस्य। मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के पूर्व जनरल सेके्रटरी ।
ईमेल-  khare.siddhartha@gmail.com

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वाह भई वाह

एक आईसक्रीम वाला बार-बार चिल्ला रहा था, 'एक बार खाएगा तो हजार बार खाएगा'।
यह सुन कर पास खड़े लड़के से रहा नहीं गया। वह उसकी नकल करते हुए बोला, 'मुफ्त में खिलाएगा तो लाख बार खाएगा'।
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लेखकों से अनुरोध...

उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक मुद्दों के साथ पर्यावरण को बचाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को प्राथमिकता से प्रकाशित किया जाता है। समाजिक जन जागरण के विभिन्न मुद्दों को शामिल करने के साथ ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, कविता, गीत, गजल, व्यंग्य, निबंध, लघुकथाएं और संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। उपर्युक्त सभी विषयों पर मौलिक अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। आप अपनी रचनाएँ Email-udanti.com@gmail.comपर प्रेषित करें।

माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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