November 17, 2018

ज्योति दुर्गा जब तू होगी

ज्योति दुर्गा जब तू होगी
-डॉ.ओमप्रकाश गुप्ता

द्वापर युग की बात है, कल की जैसे बात है.
धृतराष्ट्र दरबार सजा, दुर्योधन ने द्यूत रचा.
शकुनि ने माया फैलाई, द्रुपद सुता तब बुलबाई.
दुशासन करने निर्वस्त्र लगा, मानवता का हृदय फटा.

भीष्म पिता ने मोड़ी आँखे, द्रोण गुरु बगले झांकें.
मानवता का नाश हुआ, मानव पापों का दास हुआ.
कृष्णा ने केशव याद किये, प्रभु ने आकर चीर दिए.
द्रुपद सुता की लाज रखी, मानवता की रक्षा की.

द्वापर कब का बीत गया, दुर्योधन-दुशासन अब भी राजा.
नारी अब भी लज्जित होती, होता द्वापर फिर से ताजा.
अंतर अब केवल इतना है, कृष्ण नहीं अब आते हैं.
दुष्टों से मिलने में अब तो, भगवान स्वयं कतरातें हैं.

नारी, तू माता पुत्री, दुष्टों के पापों को पड़ता सहना.
पुरुष वर्ग धृतराष्ट्र हुआ, रक्षा कौन करे तेरी बहना.
अपनी रक्षा तुम स्वयं करो,  माँ दुर्गा का रूप धरो.
लो खड्ग हाथ में तुम अपने,  दुष्टों का संहार करो.

दुष्ट दृष्टि जो भी डाले, दृष्टिहीन कर दो उसको.
अपशब्द यदि कोई बोले, गिराहीन कर दो उसको.
हाथों से पापी स्पर्श करे, भुजाहीन कर दो उसको.
नारी तू बनकर चंडी, पुरुषत्वहीन कर दो उसको.

तेरे भीतर है शक्ति अपार, आह्वान करो उसका बहना.
युग-युग से अत्याचार सहे, और नहीं तुझको सहना.
माता बहना वह दिन दूर नहीं, तेरी पूजा फिर से होगी,
खोया सम्मान मिले तुझको, 'ज्योति' दुर्गा जब तू होगी.

सम्पर्कः ह्युस्टन, अमेरिका, 7१३४७१७८२२ (मोबाइल)

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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