February 10, 2015

आवरण चित्र:

       राघव वर्मा  

उदंती के आवरण पृष्ठ पर प्रकाशित वॉटर कलर से बनी यह पेंटिंग 10 वर्षीय राघव वर्मा ने बनाई है। एन.एच. गोयल वर्ल्ड स्कूल रायपुर (छत्तीसगढ़) में, क्लास 6 में पढऩे वाले छात्र राघव तीन साल की उम्र से ही चित्रकारी करते आ रहे हैं और कई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। 
स्कूल में होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी राघव लगातार भाग लेते हैं। पिछले वर्ष स्कूल के वार्षिकोत्सव में मुंशी प्रेमचंद्र की प्रसिद्ध कहानी ईदगाहपर खेले गए नाटक में राघव ने हामिदकी प्रमुख भूमिका निभा कर वाहवाही बटोरी थी। 
 राघव को कहानियाँ पढऩे का भी बहुत शौक है। अब तक उसने 100 से भी अधिक किताबें पढ़ ली हैं। राघव की पसंदीदा पुस्तकें और लेखक हैं- Roald Dahl, Enid Blyton, Yukichi Yamamatsu's graphic books, R.J. Palacio, Jeff Kinney and many others.
यही नहीं राघव कहानियाँ और कविताएँ भी लिखते हैं। कई कहानियाँ और लघु उपन्यास लिख चुके हैं। हॉबी के रूप में पिछले तीन साल से फोटोग्राफी भी कर रहे हैं। 
इन सबके साथ राघव को जिसमें सबसे ज्यादा मजा आता है वह है क्रिकेट और फुटबॉल। उसे नेशनल इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी खिलाडिय़ों के खेल- तकनीक के बारे में अच्छी पहचान है; कौन सी टीम में कौन-कौन खिलाड़ी खेल रहा है, कौन अच्छा बॉलर है, कौन अच्छा बैट्समैन, इसकी जानकारी रखते हैं। रायपुर के खेले गए दो इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों में राघव सबसे कम उम्र के बॉल ब्वाय के रूप में शामिल हो चुके हैं।



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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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