March 10, 2013

कविता











 ऐसे खेली होरी
- शैली चतुर्वेदी
सीस धरो तुम्हरे चरनन में,
अब छोड़ देयो बनवारी,
भीज गयी मोरी धानी चुनर और,
भीजी मोरी सारी,
मोकों काय रंगत हो कान्हा,
बे तो, सखियन ने दी गारी,
मैं तो तुम्हरी जनम जनम तों,
सबहूँ ते तुमकों प्यारी ....
तज दये अबिर, गुलाल,
पिचकारी हू भू पै डारी,
रंग रंगी मैं तो तुम्हरे ही,
प्रेम रस में भीजी तिहारी ...
चातक, मोर, पपीहा बोलें बन में,
टेसूअन ने, मादक गंध पसारी,
फूल रही सरसों खेतन में,
मंद मंद हंसत जाये सुकुमारी,
गारी देत जात मन मन में,
भरसक करत चिरौरी,
बिनती सुनत कान्हा हंस दीन्हो,
स्याम रंग दीन्ही बांकी गोरी,
सब रंग रंगे बाके ही रंग में,
ऐसी खेली होरी .......
संपर्क: Y-41, Regency Park II, DLF Phase IV,
Sushant Lok Ph. I, Gurgaon-122009

3 Comments:

Unknown said...

bahut sunder rachna h shaily.

Unknown said...

bahut sunder rachna h shaily.

Akash Mishra said...

अनंत बधाइयाँ |

सादर

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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