June 05, 2010

इस अंक के लेखक

राजीव कुमार धौम्या
10 अप्रैल 1952 को मोगा पंजाब में जन्म। शिक्षा- बी.एस.सी., बी.ए. ऑनर इंग्लिश, बी.एड.। संप्रति- भारतीय स्टेट बैंक में वरिष्ट अधिकारी।
रूचियां- साहित्य की पुसत्कें पढऩा विशेषतया उर्दू काव्य पढऩे में। इसके अतिरिक्त भ्रमण एवं प्रकृति से लगाव।
अंग्रेजी के समस्त प्रमुख समाचार पत्रों में सामाजिक राजनीतिक एव साहित्यिक विषयों पर संपादक के नाम पत्रों का प्रकाशन।
पता: ए-2 / 122 रजौरी मार्डन, नई दिल्ली 110027 ईमेल: lotus19@msn.comमोबाइल नं. 09818018523
शास्त्री जे सी फिलिप
बचपन मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बीता, जहां उन्होंने कई स्वतंत्रता सेनानियों से शिक्षा एवं प्रेरणा पाई। एक समर्पित लेखक, अनुसंधानकर्ता एवं हिन्दी-सेवी हैं। भौतिकी, देशीय औषधिशास्त्र, और ईसा के दर्शन शास्त्र में अलग- अलग विश्वविद्यालयों से डाक्टरेट। आजकल पुरातत्व के वैज्ञानिक पहलुओं पर अपने अगले डाक्टरेट के लिये गहन अनुसंधान। एक अमरीकी विश्वविद्यालय के मानद कुलाधिपति। 6 भाषाओं में 60 से अधिक ग्रन्थ एवं 6000 से अधिक लेख, दर्शन, धर्म, भौतिकी, विज्ञान, इलेक्ट्रानिक्स, संगणक, मनोविज्ञान, भाषा, जर्नलिस्म, पुरावस्तुशास्त्र, एवं देशी चिकित्सा पद्धतियों पर लिखा है। उनका लिखा 'हिन्दु धर्म परिचय' मलयालम भाषा में एक प्रसिद्ध पाठ्य पुस्तक है।
उनका ब्लाग है- sarathi.info
पारितोष चक्रवर्ती
7 अप्रैल 1951 को सक्ती छत्तीसगढ़ में जन्म शिक्षा - एमए, बीजे।
प्रमुख कृतियां- अंधेरा समुद्र, कोई नाम न दो (प्यार की कहानियां), घर बुनते हुए, सड़क नं. 30 (कहानी संग्रह), आजा मेरी गाड़ी में बैठ जा (व्यंग्य संग्रह) अक्षरों की नाव, ऊंचाइयों वाला बौनापन (कविता संग्रह), अभिशप्त दाम्पत्य (लघु उपन्यास) मुखौटे (पुरस्कृत नाटक), नक्सलवाद एवं छत्तीसगढ़ पर दो पुस्तिकाएं। 20 वर्षों तक सार्वजनिक क्षेत्रों के उद्योगों में अफसरी, 25 वर्ष से पत्रकारिता, अंतिम नौकरी जनसत्ता रायपुर में।
संप्रति- कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय के अंतर्गत स्थापित माधव राव सप्रे राष्ट्रवादी पत्रकारिता शोधपीठ में अध्यक्ष। स्थानीय व राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में लेखन।
पता: सी-29 आकृति, सेक्टर-3, देवेन्द्र नगर, रायपुर (छ.ग.) 492001 मोबाइल नं. 092292 59201
अब्दु कलाम
वर्तमान में भिलाई इस्पात संयंत्र छत्तीसगढ़ में कार्यरत।
पिछले बीस वर्षों से विभिन्न दैनिक अखबारों एवं पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन।
हिन्दुस्तान टाइम्स द्वारा आयोजित तात्कालिक कविता लेखन में प्रथम पुरस्कार।
पता: एमआईजी 1/985, आमदी नगर, भिलाई छत्तीसगढ़। मोबाइल नं. 9893848190
डॉ. शंकुतला किरण
अजमेर राजस्थान में जन्मी शकुन्तला किरण की शिक्षा एमए (हिन्दी साहित्य), पीएचडी- हिन्दी लघुकथा पर राजस्थान विश्व विद्यालय द्वारा (इस विषय पर देश- विदेश के किसी भी विश्वविद्यालय द्वारा सर्वप्रथम पंजीकृत एवं स्वीकृत शोध ग्रंथ)। संपादन सहयोग- न्यू लाइट, प्रज्ञा (पत्रिकाएं), देह से अदेह (पुस्तक)। प्रकाशित पुस्तकें - हिन्दी लघुकथा (आलोचात्मक पुस्तक) अहसासों के अक्श (काव्य संग्रह) राजस्थानी व्रत त्यौहार संबंधी लोक कथाओं का सांस्कृतिक मूल्यांकन (प्रकाशनाधीन) क्षेत्र- राजनीतिक एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों में सक्रिय भागीदारी निभाने के बाद अब अध्यात्म पथ की ओर अग्रसर।
संप्रति- निदेशिका, मित्तल हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर, पुष्कर रोड अजमेर- राजस्थान। मोबाइल नं. 09351590002, ई-मेल: sainidhiraj@rediffmail.com

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लेखकों से अनुरोध...

उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक मुद्दों के साथ पर्यावरण को बचाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को प्राथमिकता से प्रकाशित किया जाता है। समाजिक जन जागरण के विभिन्न मुद्दों को शामिल करने के साथ ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, कविता, गीत, गजल, व्यंग्य, निबंध, लघुकथाएं और संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। उपर्युक्त सभी विषयों पर मौलिक अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। आप अपनी रचनाएँ Email-udanti.com@gmail.comपर प्रेषित करें।

माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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