December 02, 2009

रोचक


लक्ष्य के पार पहुंचा आंकड़ा
भारत सरकार ने 2010 तक 50 करोड़ लोगों को टेलीफोन सुविधा मुहैया कराने का लक्ष्य रखा था, लेकिन इस साल सितंबर में ही इसे हासिल कर लिया गया। इससे पता चलता है कि आम लोगों के बीच किस तेजी से टेलीफोन का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इसमें मोबाइल और लैंडलाइन टेलीफोन दोनों शामिल हैं। और अगस्त माह में ही मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों की संख्या डेढ़ करोड़ बढ़ी है। दरअसल आज इन दोनों के बिना गुजारा भी नहीं है। अत: इनके इस्तेमाल करने वालों का आंकड़ा लक्ष्य से ज्यादा बढऩा कोई आश्चर्य की बात नहीं है। यही वजह है कि सितंबर में टेलीफोन इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़कर 50 करोड़ नौ लाख हो गई जो अगस्त में 49 करोड़ 40 लाख थी। जबकि उसके अगले ही महीने 3.03 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
भारत के टेलीकॉम नियामक प्राधिकरण ट्राई के अनुसार 50 करोड़ लोगों तक टेलीफोन की सुविधा पहुंचाने के लक्ष्य को 15 महीने पहले ही हासिल कर लिया गया है। इसके बाद देश की लगभग 1 अरब बीस करोड़ की जनसंख्या में से 43.50 प्रतिशत को टेलीफोन की सुविधा मिल गई है। वहीं वायरलेस टेलीफोन 40.31 फीसदी लोगों तक पहुंचा है। दुनिया को बहुत करीब लाने में इस तकनीक ने जबरदस्त कार्य किया है, और फिर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण उपभोक्ताओं को आकर्षक पैकेज के साथ कम पैसे में बातचीत की सुविधा जो कंपनियां दे रही हैं उसके चलते तो यह सब होना ही है।

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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