August 20, 2009

इस अंक के लेखक

डॉ हरि जोशी 
17 नवंबर 1943 ग्राम खूदिया तहसील खिरकिया जिला हरदा में जन्मे मेकेनिकल इंजीनियरिंग के प्राध्यापक डॉ. हरि जोशी ने एम टेक पीएचडी मेकेनिकल इंजीनियरिंग की शिक्षा के बाद लेखन एवं प्रकाशन। 1959 से हिन्दी की सभी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में लेखन। पुस्तकें : 2 कविता संग्रह, 13 व्यंग्य संग्रह, 2 उपन्यास- पगडंडियां, महागुरू वर्दी और टोपी टाइम्स। अंग्रजी में 'माइ स्वीट सेवेन्टीन अमेरिका से प्रकाशित व्यंग्य संग्रह तथा ''रिवर एंड अदर पोयम्स', मराठी और अंग्रेजी में कुछ रचनाओं का अनुवाद। मप्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा 'व्यंग्य के रंग' पर 'वागीश्वरी सम्मान'। पता- एमआइजी 377, न्यू सुभाषनगर, रायसेन मार्ग, भोपाल 462023 
रचना गौड़ 'भारती' 
6 मई 1968 राजस्थान कोटा में जन्मी रचना गौड़ एमए, एमजेएमसी हैं। अब तक लगभग 250 कविताएं , 150 शेर, 50 लघुकथाएं, 20 गजल, 25 हाईकु, 15 कहानियां एवं 50 विभिन्न विषयों पर लेखन एवं प्रकाशन। कई वर्षों तक आकाशवाणी कोटा में आकस्मिक कम्पीयर एवं उद्घोषक का कार्य टी.वी. सिटी चेनल कोटा में समाचार वाचन, विभिन्न सरकारी एंव गैर सरकारी कार्यक्रमों में मंच संचालन। पुस्तक- 'आपकी रसोई', पुरुस्कार- अखिल भारतीय साहित्य परिषद राजस्थान द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कहानी प्रतियोगिता- 2008 में तृतीय पुरस्कार। पता- 'मनस्वी' ए -178, रिद्घि सिद्घि नगर, कुन्हाड़ी, कोटा (राज.) 324008, मो. 94147-46668 फो. 0744-2370001. 
ई मेल- racchu68@yahoo.com, www.rachanabharti.blogspot.com 
भारती परिमल 
13 अगस्त 1970 को जन्मी भारती परिमल हिन्दी में एमए हैं गुजराती स्वास्थ्य पत्रिका आयुष्मान में 7 वर्षों तक अनुवादक एवं संपादन कार्य। पश्चिम मध्य रेलवे समाज कल्याण केन्द्र विद्यालय में तीन वर्ष तक अध्यापन। साहित्यिक अभिरूचि, देशभर की पत्र-पत्रिकाओं में सम- सामियक आलेख एवं कहानियों का प्रकाशन। आकाशवाणी भोपाल में युववाणी में केजुअल कम्पीयर के रूप में कार्य। आकाशवाणी भोपाल से समय-समय पर व्यंग्य वार्ता, कहानी एवं सम-सामियक विषय पर आलेख का प्रसारण। मेहंदी, रंगोली, फ्लॉवर मेकिंग, जूट क्राफ्ट एवं व्यक्तित्व विकास की क्लासेस। पता- 403, भवानी परिसर, इंद्रपुरी, भेल, भोपाल 462022 फोन- 0755 2682258 मो. 099772 76257 
डॉ. वीरेन्द्रसिंह यादव 
शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े युवा साहित्यकार डॉ.वीरेन्द्रसिंह यादव ने साहित्यिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक, सामाजिक तथा पर्यावरर्णीय समस्याओं से सम्बन्धित गतिविधियों को केन्द्र में रखकर अपना सृजन किया है। इसके साथ ही दलित विमर्श के क्षेत्र में 'दलित विकासवाद' की अवधारणा को स्थापित कर उनके सामाजिक, आर्थिक विकास का मार्ग भी प्रशस्त किया है। कई लेखों का प्रकाशन राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर की स्तरीय पत्रिकाओं में हो चुका है। राष्ट्रभाषा महासंघ मुम्बई, राजमहल चौक कवर्धा द्वारा स्व. श्री हरि ठाकुर स्मृति पुरस्कार, बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर फेलोशिप सम्मान 2006, साहित्य वारिधि मानदोपाधि एवं निराला सम्मान 2008। वर्तमान में भारतीय उच्च शिक्षा अध्ययन संस्थान राष्ट्रपति निवास, शिमला (हि.प्र.) में नई आर्थिक नीति एवं दलितों के समक्ष चुनौतियां (2008-11) विषय पर तीन वर्ष के लिए एसोसियेट हैं। पता- वरिष्ठ प्रवक्ता हिन्दी विभाग, दयानन्द वैदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय उरई- जालौन (उप्र)-285001 मो. 09415924888 
email-virendra_kritika@rediffmail.com 
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जरा सोचें 
मनुष्य इस पृथ्वी का सबसे बुद्धिमान व विवेकशील प्राणी है। पर जरा सोचें कि एक बेकसूर जीव को मारकर व कष्ट पहुंचाकर वे किस तरह की बुद्धिमत्ता का परिचय देते है?

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लेखकों से अनुरोध...

उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक मुद्दों के साथ पर्यावरण को बचाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को प्राथमिकता से प्रकाशित किया जाता है। समाजिक जन जागरण के विभिन्न मुद्दों को शामिल करने के साथ ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, कविता, गीत, गजल, व्यंग्य, निबंध, लघुकथाएं और संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। उपर्युक्त सभी विषयों पर मौलिक अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। आप अपनी रचनाएँ Email-udanti.com@gmail.comपर प्रेषित करें।

माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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