May 24, 2010

रंग बिरंगी दुनिया

एलीजाबेथ टेलर 78 की उम्र में एक और शादी
हॉलीवुड की विश्व प्रसिद्ध अभिनेत्री 78 वर्षीय एलीजाबेथ टेलर अपनी उम्र के चलते आज चलने- फिरने में भले ही मजबूर हों लेकिन शादी करने के अपने शौक को वे आज भी बरकरार रखे हुए हैं। एलीजाबेथ पिछले कुछ समय से व्हील चेयर में ही चलती हैं। जैसा कि सभी को मालूम है कि एलिजाबेथ अब तक सात पुरूषों से आठ बार ब्याह रचा चुकी हैं। स्मरण रहे कि एलिजाबेथ ने हॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता रिचर्ड बर्टन से दो बार विवाह किया था। उन्होंने अपने आठवे पति को 1996 में तलाक दिया था। उनके इस बार- बार शादी करने की बात पर अब कोई आश्चर्य जनक प्रतिक्रिया भी नहीं होती पर अब सबसे चौकाने वाली बात यह है कि एलिजाबेथ अपने से 30 वर्ष छोटे जैसन विंटर्स से नवां विवाह रचाने जा रही हैं। एलिजाबेथ और विंटर्स की प्रेम कहानी लगभग तीन वर्ष पहले 2007 में शुरु हुई थी। वे एक दूसरे के करीब आए थे और अब उनका प्रेम इतना गहरा! हो गया है कि व्हील चेयर में जीवन गुजारने वाली एलिजाबेथ उससे शादी करने जा रही हैं! एलिजाबेथ के इस शौक के क्या कहने।
एलीजाबेथ टेलर का जन्म 1932 में लंदन में हुआ था। टेलर दो बार ऑस्कर पुरस्कार विजेता रही हैं। उन्होंने लगभग 55 फिल्मों में काम किया है। उनका नाम अमेरिकी फिल्म जगत में सर्वश्रेष्ठ सितारों में शामिल है।
हिजड़ों का सुरक्षा दल बनाएंगे टाको टाबी
अरुणाचल के गृहमंत्री टाको टाबी अपने बयानों और अजीबो- गरीब कारनामों के लिए चर्चित रहे हैं। पिछले दिनों एक अनोखा सुझाव पेश करके वे फिर एक बार चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने कहा है कि वे एक नया सुरक्षा दल खड़ा करेंगे जिनके सदस्य हिजड़े होंगे जो विशिष्ठ व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए तैनात किए जाएंगे। ऐसा करने के बारे में उनका तर्क है कि मुगल साम्राज्य में बादशाह भी अपने महल की सुरक्षा के लिए हिजड़ों पर ही ज्यादा विश्वास किया करते थे।
इस तरह का एक प्रस्ताव टाको टाबी ने केंद्रीय गृहमंत्री चिदम्बरम को भेजा था। उक्त प्रस्ताव पर क्या विचार हुआ यह तो नहीं पता चला पर टाको टाबी के उक्त प्रस्ताव से भारत के हिजड़ा समुदाय को खुश ही होना चाहिए क्योंकि समाज में उपेक्षा के शिकार इस समुदाय को अपनी वीरता दिखाने का मौका तो मिलेगा। उनके लिए सबसे राहत की बात तो यह होगी घर- घर जाकर और सार्वजनिक स्थलों में भोंडा प्रदर्शन करते हुए भीख मांगने से भी मुक्ति मिलेगी साथ ही उनकी ऐसी हरकतों से परेशान जनता भी राहत महसूस करेगी।
टाको टाबी के बारे में कुछ समय पूर्व एक बार तब चर्चा हुई थी जब उन्होंने ड्यूटी पर शराब पीने वाले पुलिस कर्मियों के बचाव में कहा था कि इससे उन्हें ऊर्जा मिलती है। यही नहीं स्वयं टाको टाबी का अपने बारे में कहना है कि वे रात में भेस बदल कर अपराधियों को पकडऩे के लिए निकल पड़ते हैं। लगता है टाको टाबी मुगल काल की सुरक्षा व्यवस्था को लौटा लाना चाहते हैं!

0 Comments:

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

-0-

लेखकों सेः उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक लेखों के साथ पर्यावरण, पर्यटन, लोक संस्कृति, ऐतिहासिक- सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, व्यंग्य, लघुकथाएँ, कविता, गीत, ग़ज़ल, यात्रा, संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। आपकी मौलिक, अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। रचनाएँ कृपया Email-udanti.com@gmail.com पर प्रेषित करें।

उदंती.com तकनीकि सहयोग - संजीव तिवारी

टैम्‍पलैट - आशीष