किसी ने खुलकर गले लगाया हो, ज़ोरदार झप्पी दी हो, तो उसके बाद उस पर बरस पड़ना या उससे जमकर झगड़ना मुश्किल होता है। हमारा यह अनुभव रहा है कि सकारात्मक स्पर्श – हाथ थामना, थपथपाना, सहलाना, आलिंगन वगैरह आपसी रिश्तों को मज़बूत करते हैं।
और अब, ऐसा वानरों में भी देखा गया है। देखा गया है कि तनाव की स्थिति में रिश्ते बनाए रखने के लिए, तनाव टालने के लिए बोनोबो और चिम्पैंज़ी गले मिलते हैं, हाथ पकड़ते हैं। इस बात का पता लगा है दो अभयारण्यों में रह रहे बोनोबो और चिम्पैंज़ी समूहों के अवलोकन से।
डरहम युनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिकों के एक दल ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और ज़ाम्बिया के अभयारण्यों में रह रहे बोनोबो और चिम्पैंज़ियों के पांच समूह का अध्ययन किया। शोधकर्ता वानरों के बाड़े की बागड़ पास जाकर समय-समय वानरों को पुकारते थे। वानर बाड़े के किनारे आ जाते थे और भोजन का इंतज़ार करते थे। कुछ समय बाद, शोधकर्ता मूँगफली से भरा एक बर्तन बाड़े में रख देते थे, जिसमें अपर्याप्त मात्रा में मूँगफली होती थी। कम मात्रा में मूँगफली होने के कारण वानरों में उन्हें लेने के लिए होड़ मच जाती थी। ऐसा करते समय शोधकर्ताओं ने मूँगफली मिलने से पहले, मूँगफली लेते और खाते समय, और खाने के बाद वानरों के आपसी व्यवहार का अवलोकन किया।
प्रोसीडिंग्स ऑफ दी रॉयल सोसाइटी बी में शोधकर्ताओं ने बताया है कि जो वानर मूँगफली मिलने से कुछ देर पहले एक-दूसरे को गर्मजोशी (हाथ पकड़ना, थपथपाना, सहलाना, आलिंगन आदि) से स्पर्श करते थे, वे आपस में मूँगफली के लिए लड़ने की बजाय उसे मिल-बाँटकर खाते थे। ऐसा स्वभाव अधिकतर शांतिप्रिय समूहों में देखा गया। यह दर्शाता है कि दोस्ताना स्पर्श सामाजिक रिश्तों को मज़बूत करता है और होड़ कम करता है। और तो और, यह तक देखा गया कि कुछ नर चिम्पैंज़ी एक-दूसरे के मुँह में अपनी उँगलियाँ दे रहे थे। गौरतलब है कि वानर समूहों में मुँह में उँगली देना तनाव या झगड़े की स्थिति में खतरे से खाली नहीं होता - लड़ाई-झगड़े की स्थिति में वानर प्रतिद्वंद्वी की उँगली बुरी तरह काटकर उसे चोटिल कर सकते हैं। लेकिन अपर्याप्त भोजन होने की स्थिति में भी वानरों का मुँह में उँगली डालकर जोखिम उठाना उनके भरोसे और मज़बूत रिश्ते का द्योतक था।
बोनोबो और चिंपैंज़ी हमारे करीबी रिश्तेदार हैं; इस साझा व्यवहार से लगता है कि गर्मजोशी जताकर शांति बनाए रखने का व्यवहार हमारे साझा पूर्वजों की देन है। (स्रोत फीचर्स)■

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