September 15, 2017

एक सवारी

एक सवारी
अंकुश्री
वह बहुत जल्दीबाजी में था। तेजी में जब टैक्सी स्टैण्ड पहुँचा तो आवाज सुनाई पड़ी, 'एक सवारी, एक सवारी।उसे खुशी हुई कि टैक्सी की सवारी पूरी हो  गई  है, मात्र एक सवारी के लिए रुकी हुई है। उसके बैठते ही टैक्सी खुल जाएगी, इसी विश्वास के साथ उछल कर वह टैक्सी में बैठ गया।
आशा के विपरीत टैक्सी में उसके बैठ जाने के बाद भी टैक्सी वाले का चिल्लाना जारी रहा, 'एक सवारी, एक सवारी...
कुछ देर में एक और व्यक्ति आया अैर टैक्सी में सवार हो गया। लेकिन उसके बावजूद तो टैक्सी खुली और टैक्सीवाले का चिल्लाना ही बंद हुआ। लोग एक-एक कर आते गए और टैक्सी में सवार होते गए।
टैक्सी के सभी सवार जल्दी में थे। एक तो जल्दीबाजी के कारण वे घबराए हुए थे, दूसरे उनके शरीर का कोई कोई अंग किसी किसी यात्री से दबा हुआ था। टैक्सी में टसमस होने तक की जगह नहीं बची थी। बेसब्री और परेशानी के कारण सभी यात्रियों की हालत सोचनीय होती जा रही थी। तभी एक और सवारी आकर टैक्सी में बैठा। उसके बैठने पर सभी यात्रियों ने राहत की साँ ली कि अब टैक्सी खुल जाएगी.. लेकिन तभी टैक्सी वाला फिर चिल्लाया, 'एक सवारी, एक सवारी...
सम्पर्क: सिदरौल, प्रेस कॉलोनी, पोस्ट बॉक्स 28,  नामकुम, रांची-834 010

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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