November 10, 2011

वाह भई वाह

भाषा

टूटू: मिटू तुम कौन- कौन सी भाषाएं बोल और लिख सकते हो?
मिटू: मैं चार भाषाएं अच्छी तरह बोल और लिख सकता हूं।
टूटू: अच्छा कौन- कौन सी।
मिटू: हिंदी, देवनागरी, हिंदुस्तानी और राष्ट्रभाषा।

निबंध

टीचर ने सभी बच्चों से क्रिकेट मैच पर निबंध
लिखने को कहा।
सभी छात्राएं अपनी- अपनी कॉपी लेकर निबंध
लिखने में जुट गई।
मगर नीता चुपचाप बैठी थी।
टीचर ने उसकी कॉपी देखी तो उस पर सिर्फ एक लाइन
लिखी थी।
बारिश की वजह से मैच स्थगित कर दिया गया है।

चीनी

टूटू: एक राहगीर को बड़ी देर से देखने के
बाद- अंकल बुरा मत मानिएगा क्या
आप चीनी हैं
राहगीर ने कहा: नहीं मैं भारतीय हूं।
टूटू चला गया।
थोड़ी देर बाद टूटू लौटकर फिर आया
और पूछा: अंकल क्या आप चीनी हैं?
राहगीर गुस्से से: मैं भारतीय हूँ
टूटू फिर चला गया।
कुछ देर बात फिर आया
और पूछा: अंकल आप चीनी हो?
राहगीर भड़क उठा: हां
हां मैं चीनी हूं।
अब बोलो
टूटू: पर चीनी लगते तो
नहीं अंकल...।

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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