मासिक वेब पत्रिका उदंती.com में आप नियमित पढ़ते हैं - शिक्षा • समाज • कला- संस्कृति • पर्यावरण आदि से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर आलेख, और साथ में अनकही • यात्रा वृतांत • संस्मरण • कहानी • कविता • व्यंग्य • लघुकथा • किताबें ... आपकी मौलिक रचनाओं का हमेशा स्वागत है।

Aug 1, 2026

कविताः टूट रही है डोर

 - कृष्णा वर्मा

कई बार बाँधने का प्रयास किया

मन के आवारा पैरों को

लेकिन दिल है कि टिकने ही नहीं देता


सतत भटकाता है दिशा-दिशा

मासूम मन बड़ी ताबेदारी से सिर झुकाकर

मान लेता है उसकी बात

दिमाग परेशान रहता है सोच-सोचकर

क्यों मचा है हर ओर पैसे-पैसे का शोर

रिश्ते-नातों रस्मों-रिवाज़ों की

क्यों टूट रही है डोर

संबंधों को नाम तो दे देते हैं

पर निभाने की रस्म क्यों हो गई है ग़ायब

प्रेम प्यार नफ़रत की दुनिया में

नफ़रत हो गई है ठेकेदार और

दूरियाँ हो गई हैं वफ़ादार

प्यार जताते हैं पर दूरियाँ मिटाने से

करते हैं परहेज़  

मिट्टी कि दुनिया में जब

सबका अंत है मिट्टी

तो फिर क्यों औकात की

नुमाइश करने से बाज़ नहीं आते लोग।

12 comments:

  1. Anonymous11 August

    सार्थक सुंदर भावाभिव्यक्तिं। हार्दिक बधाई कृष्णा जी। सुदर्शन रत्नाकर

    ReplyDelete
  2. Anonymous16 August

    दिल को छू लेने वाली कविता

    ReplyDelete
  3. Anonymous16 August

    कृष्णा जी बहुत सुन्दर कविता। जीवन की सच्चाई के प्रति आगाह करती कविता ।
    स्मृति शुक्ल

    ReplyDelete
  4. मन के आवारा पैर कहां टिकते हैं, कहाँ कहाँ नहीं पहुँच जाते और फिर प्रेम और पीड़ा की दलदल में डूबने लगते हैं। हर बार आप की लेखनी सोचने पर विवश कर देती है 🙏

    ReplyDelete
  5. Anonymous16 August

    बहुत ही मार्मिक भावपूर्ण रचना है बधाई आदरणीय

    ReplyDelete
  6. Anonymous16 August

    बहुत बढ़िया 👌👌

    ReplyDelete
  7. Anonymous16 August

    बहुत सुंदर रचना।

    ReplyDelete
  8. जीवन के कटु सत्य का उद्घाटन करती भावपूर्ण कविता
    👌🏾 रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु'

    ReplyDelete
  9. सुंदर भाव अभिव्यक्ति। आज हम गिला कर रहे हैं, लेकिन समाज बदल गया है। कुछ भी तो पहले जैसा नहीं है। फिर भावनाएं कहां से आएंगी? साधुवाद

    ReplyDelete
  10. आज की तस्वीर खींचती मर्मस्पर्शी कविता। संवेदनशीलता का ह्रास हुआ है।
    विभा रश्मि

    ReplyDelete
  11. बहुत ही मार्मिक, सार्थक और भावपूर्ण अभिव्यक्ति मैम 🙏💐

    ReplyDelete