October 03, 2018

प्रमाणिका छन्द

१.महातपा
 - ज्योत्स्ना प्रदीप

सिया बड़ी उदास है ।
न आस है न श्वास है ।।
अशोक के  तले रही ।
व्यथा कहाँ कभी कही ।।

सभी लगे विशाल थे ।
बड़े कई सवाल थे ।।
पिया- पिया पुकार के ।
सिया थकी न हार के ।।

पिया ,पिता न साथ रे ।

कहाँ अजेय नाथ रे ।।
धरा-सुता जया बड़ी ।
समेट पीर की घड़ी ।।

सहें  कहे न वेदना ।
हिया, जिया न भेदना ।।
‘पिया-पिया’ सदा जपा ।
सुकोमला महातपा ।।

रहे सभी डरे -डरे ।
सदेह भी मरे- मरे ।।
रक्षा करे सम्मान की ।
बड़ी महान जानकी ।।

2. हरी-भरी धरा करें

हिमाद्रि जो व्यथा सहे।
किसे वही कथा कहे।।
हरी भरी नहीं धरा।
विहंग का हिया भरा।।

न छाँव  है न ठौर है।
न पेड़  है न बौर है।।
न हास है न नीर है।
बयार भी अधीर है।।

चली नही उसाँस है ।
भला कहाँ विकास है।।
नदी  लुटी-पिटी घटी ।
कहाँ -कहाँ नहीं बँटी ।।

तरंग गंग-अंग की।
रही नहीं भुजंग-सी।।
मिटी नदी वसुंधरा।
इन्हें कभी नहीं तरा।।

दया नहीं तजें कभी।
न ज्ञान ही न मर्म ही।।
सुधा भरें उसे तरें।
हरी भरी धरा करें ।।
सम्पर्कः  मकान न.-32, गली न.-9, न्यू गुरु नानक नगर, गुलाब देवी रोड, जालंधर, पंजाब 144013

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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