December 13, 2008

सिलसिला, अफसाना

सिलसिला
राजेश उत्साही

हवाओं में जहर हर तरफ मिला  है

राह में जो बिछड़ा वो कब मिला  है।

फेफड़े हैं कुन्द और नब्ज मद्घम
दिमाग भी है बन्द, मुंह सिला है।


हर वक्त खुलकर सोचने वालों
आसपास ये कौन-सा किला है।


दूर से नजर आता है हरा-भरा
पास आकर देखिए निरा पीला है।


मत रहो घोड़ों की सू बांधकर पट्टी
राह में दाएं-बाएं भी उपवन खिला है।


रूठे-मनाएं, रूठ जाएं फिर से
जिन्दगी का तो यही सिलसिला है।


पर्वत जो सामने है कोई बात नहीं
हां, एक उत्साही से कब हिला है ।


अफसाना

मासूम सवालों का जमाना नहीं रहा
चालाक हैं सब, कोई सयाना नहीं रहा।


औरों की बुनियाद में हो गए पत्थर
खुद का चाहे कोई ठिकाना नहीं रहा।


फटी हुई गुदड़ी के लाल हैं हम भी
अग बात है, कोई घराना नहीं रहा।


सी लिए होंठ सबने मूंद ली आंखें
शायद कसने को अब ताना नहीं रहा।


बहारों के दरीचों पर है प्रवेश निषेध
जाएं कहां अब कोई वीराना नहीं रहा।


समझेगा नहीं कोई मोहब्बत का जुनून
हीर-सी दीवानी,फरहाद दीवाना नहीं रहा।


सिर-से पैर तक बद गई है दुनिया
फैशन में कोई चन पुराना नहीं रहा।


आओ उत्साही से भी मिल लें चलकर
चर्चा में उसका अफसाना नहीं रहा।

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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