September 10, 2020

हाइकु

लिपटी यादें 
मीनू खरे
1

लिपटी यादें
तेरे रेनकोट से
भीग गई मैं!
2
यादों के पन्ने
बहुत गीले हुए
इस बारिश।
3
बेटी विदा की
तो याद आई माँ भी
सच्ची जाने क्यों!
4
चाँदनी रात
चाँदनी के पेड़ से
लिपटी यादें।
5
मेरी विदाई
कोछा भर चावल
अँजुरी भर यादें।
6
बड़ी विशेष
पापा कि हर सीख
स्मृतियाँ शेष!
7
आलू-भुजिया
गरम दालभात
माँ याद आई।
8
अकेलापन
तेरी यादों के संग
पिकनिक है।
9
अकेलापन
याद आ रही तेरी
आख़िरी बात।
10
छल के रंग
स्मृतियों पर बिखरे
छलके नैन ।
11
तेरी याद ने
श्वेत श्याम सपने
किए रँगीले.
12
याद व दया
जाते -जाते मुझको
वो क्या दे गया!
-0-
केन्द्र प्रमुख, आकाशवाणी बरेली

meenukhare@gmail. com

2 Comments:

नंदा पाण्डेय said...

3 नंबर वाली हाइकु भावप्रण

Meenu Khare said...

बहुत आभार नंदा पाण्डेय जी

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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