February 21, 2013

हाइकु



वसन्त प्रेम
-डॉ. सुधा गुप्ता
1
फूलों की पाग
बाँधी पेड़-पौधों ने
सजी बारात।
2
तपे लोहे-से
आम के नए पत्ते
उकसा गए।
3
किशोरी डाल
किसलय लपेटे
शर्म से लाल।
4
फूलों की टोपी
हरियाली का कुर्ता
वसन्त दूल्हा।
5
दहक उठी
बुरूँश- पोरों पर
चिनगारियाँ।
6
चिनार- पत्ते
कहाँ पाई ये आग
बता तो भला।

7
नीचे घाटी में
डैफ़ोडिल खिले हैं
दीये जले हैं।
8
बोगनबिला
किसने मसले गाल
कौन  है मिला?
9
नाचती हवा
डफली बजाता है
प्रेमी महुआ।
10
बाँसों के वन
मनचली हवा ने
बजाई सीटी।
11
फूलों की राखी
सजाके कलाई में
घूमे वसन्त।
12
कूकी जो पिकी
'छन्नदोपहरिया
काँच-सी टूटी।

13
कोयल गाती
हरी आम की शाख़
आग लगाती।
14
मुस्काती घाटी
करती द्वाराचार
दूब-धान से।
15
झरोखे बैठी
फुलकारी काढ़ती।
प्रकृति-वधू।
16
छठी पूजती
पीला-हरा उपर्ना
ओढ़े धरती।
17
सगुन-पंछी
टिहुकता डाल पे
वसन्त आया।
18
फूलों के द्वीप
रंगारंग परियाँ
तिरती फिरें।

19
पतझर के
काँटों  पर चलके
आया वसन्त।
20
आया है दूल्हा
ऋतुराज वसन्त
फूलों का मौर।
21
'पियरीओढ़
नवप्रसूता धरा
देहरी पूजे।
22
फूलों का ताज
पहनकर बैठा
है ऋतुराज।
23
ठसक बैठी
पीला घाघरा फैला
सरसों रानी।
24
धूप वधूटी
धीरे चली लजाई
गौने से आई।
संपर्क:  120 बी / 2 साकेत मेरठ -252003

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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