January 18, 2013

ऐसा साहस सबको दिखाना होगा



ऐसा साहस सबको दिखाना होगा
यह चित्र अमरीका के मिशीगन प्राँत के शेफर्ड शहर के 14 वर्षीय किशोर जेम्स परसीन का है। रात लगभग 10 बजे जेम्स अपनी 11 वर्षीय छोटी बहन और 2 वर्षीय भाई के साथ घर में अपने माता-पिता का इंतज़ार कर रहा था कि अचानक उसे घर का दरवाज़ा पीटने के साथ किसी महिला की दर्दनाक गुहार सुनाई दी। मर्मस्पर्शी गुहार से द्रवित होकर इस साहसी बालक ने दरवाज़ा खोला तो बुरी तरह से घायल और बदहवास एक युवती अन्दर घुसी। वह युवती किसी तरह एक बलात्कारी की कार से कूद कर बच निकली थी। परन्तु बलात्कारी तब भी उसका पीछा कर रहा था।
साहसी बालक ने इस घायल युवती और अपने छोटे भाई बहन को बाथरूम में बंद करके घर के अन्य दरवाजे भी बंद कर दिए तथा हाथ में एक शिकारी चाकू लेकर बाथरूम के दरवाज़े पर पहरा देने लगा। बलात्कारी ने घर का दरवाज़ा तोडऩे की कोशिश की परन्तु असफल होने पर उसने घर के दरवाज़ों पर पेट्रोल छिड़का और आग लगा कर भाग गया। उसके तुरंत बाद ही लड़के के माता-पिता भी वापस आ गये और आग बुझा कर सबको सुरक्षित निकाल लिया। जेम्स जैसे साहसी लड़कों की आज समाज में बहुत ज़रुरत है।

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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