April 16, 2014

इस अंक में

अप्रैल 2014

जाती पाँती से बड़ा धर्म है
और धर्म से बड़ा कर्म है.
किसी कर्म से बड़ा मर्म है
लेकिन सब से बड़ा यहाँ यह छोटा- सा इंसान है
और अगर यह प्यार करे तो धरती स्वर्ग समान है
                   - नीरज



आवरण चित्र: राजेश वर्मा, रायपुर छत्तीसगढ़। एमबीए की डिग्री के बाद अपना स्वयं का व्यवसाय। राजेश को बचपन से ही फोटोग्राफी का शौक रहा है परंतु उन्होंने कभी इसे प्रोफेशन के रुप में नहीं अपनाया। प्रकृति से उन्हें प्यार है जो उनकी फोटोग्रीफी में झलकती है। पेज नम्बर एक और दो पर प्रकाशित चित्र भी राजेश ने ही खींचे हैं। पर्यटन के शौकीन हैं अत: जब भी मौका मिलता है किसी खूबसूरत पर्यटन स्थल के लिए निकल पड़ते हैं और वहाँ अपनी फोटेग्राफी के शौक को पूरा करते हैं। 
मो. 9303344556, Email- rajraipur2003@gmail.com

1 Comment:

Pankaj Trivedi said...

उद्दंती - एक बेहतरीन साहित्यिक पत्रिका के रूप में न केवल साहित्य की ऊंचाई सर करती है बल्कि सामाजिक सरोकार से भी कार्य करती है |
डॉ. रत्ना जी के संपादन की कड़ी मेहनत अंतरात्मा को खुश कर देती हैं |
बधाई |
- पंकज त्रिवेदी
संपादक
विश्वगाथा त्रैमासिक हिन्दी पत्रिका
सुरेंद्रनगर- गुजरात
M. 09662514007
vishwagatha@gmail.com

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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