January 27, 2018

प्रेरक

एक मिनट में
आप खुदको
कैसे बदल सकते हैं?

एक मिनट बहुत छोटा होता है। एक मिनट में महज़ 60 सेकंड होते हैं। एक मिनट बस-यूँ-ही गुज़र जाता है। फिर भी यदि आप चाहें तो एक मिनट में इतना कुछ कर सकते हैं कि आपके जीवन में बड़े बदलाव आ सकते हैं। जानिए कि आप एक मिनट में क्या-क्या कर सकते हैं:
एक मिनट में आप उस सबके लिए शुक्रगुजार हो सकते हैं जो आपके पास है और दूसरों के पास नहीं है।
सुबह जागते ही आप एक मिनट में अपने पूरे दिन भर के कामकाज, उद्देश्यों, और योजनाओं का खाका तैयार कर सकते हैं। यदि आप टालमटोल करने के आदी हैं तो यह आदत आपको अपने काम पूरे करने के लिए मानसिक रूप से तैयार कर देगी।
एक मिनट में आप अपने स्वार्थ को दूर करके खुद को दूसरे व्यक्ति की जगह पर रखकर देख सकते हैं। एक मिनट में आप केवल अपने लाभ की ही बात न करके कुछ ऐसा करने का निश्चय कर सकते हैंजिससे सबका हित हो।
एक मिनट में आप उस व्यक्ति की तरह सोचकर और बर्ताव करके देख सकते हैं जो आपका आदर्श है। इस एक मिनट के भीतर आप अपनी सर्वश्रेष्ठ छवि गढ़ सकते है।
एक मिनट में आप दिल खोलकर हँस सकते हैं।
एक मिनट के भीतर आप किसी चीज पर पैसे खर्च करते वक्त रुककर और सोचकर देख सकते हैं कि क्या आपको वाकई उस चीज की ज़रूरत है!? हमारे बहुत से खर्चे हमारी भावनाओं के क्षणिक उबाल के कारण होते हैं और बाद में हमे अपने निर्णय पर पछतावा पड़ता है।
एक मिनट में आप अपने पहले कभी लिए गए संकल्पों और निर्णयों की छानबीन कर सकते हैं। यदि आपको उनकी व्यर्थता का पता चल जाए तो आप उन्हें रिजेक्ट कर सकते हैं।
एक मिनट में आप किसी व्यक्ति के आभारी हो सकते हैं. आप उसे पहले की गई किसी सहायता के लिए धन्यवाद दे सकते हैं. उसे अचानक फोन करके सरप्राइज़ करके खुश कर सकते हैं.
एक मिनट में आप किसी को प्यार जता सकते हैं, उसे बता सकते हैं कि आप उसकी परवाह करते हैं.
एक मिनट में आप ठंडे पानी से झटपट नहाकर तरोताज़ा महसूस कर सकते हैं.
एक मिनट में आप अपनी बुरी आदतों और ऐसे व्यवहार की ओर ध्यान दे सकते हैं जिनसे आपको हानि पहुंचती है. जब तक आप उनके बारे में कुछ पल के लिए विचार नहीं करेंगे तब तक आप उनसे मुक्ति नहीं पा सकते.
किसी को भी अपने शब्दों से या व्यवहार से या शारीरिक रूप से चोट पहुँचाने के पहले एक मिनट के लिए रुककर आप स्वयं को शांत रहने का मौका दे सकते हैं.
एक मिनट के लिए बैठकर आप अपनी श्वास पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, स्वयं को गहराई से अनुभव कर सकते है, वर्तमान में जीना सीख सकते हैं, और ज्यादा सहज-सजग हो सकते हैं.
एक मिनट के भीतर आप यह पता लगा सकते हैं कि आप वास्तव में क्या करना चाहते हैंजीवन से आपकी अपेक्षाएँ क्या हैं, आपके लिए सच्ची खुशी के मायने क्या हैं.
एक मिनट में आप आइने के सामने खड़े होकर खुद पर निगाह डाल सकते हैं, अपनी कमज़ोरियाँ तलाश सकते हैं, अपने भय का सामना कर सकते हैं, और अपनी शक्तियों को पहचान सकते हैं. (हिन्दी ज़ेन से)

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लेखकों से अनुरोध...

उदंती.com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक मुद्दों के साथ पर्यावरण को बचाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को प्राथमिकता से प्रकाशित किया जाता है। समाजिक जन जागरण के विभिन्न मुद्दों को शामिल करने के साथ ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी, कविता, गीत, गजल, व्यंग्य, निबंध, लघुकथाएं और संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। उपर्युक्त सभी विषयों पर मौलिक अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है। आप अपनी रचनाएँ Email-udanti.com@gmail.comपर प्रेषित करें।

माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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