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Feb 1, 2021

उदंती.com, फरवरी-2021

वर्ष-13, अंक-6

कोई दुःख मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं

वही हारा जो लड़ा नहीं।

-कुँवर नारायण


इस अंक में

अनकहीः धरती छूती अम्बर  - डॉ. रत्ना वर्मा

आलेखः शिक्षा- स्कूल खोलें या न खोलें -डॉ. सुशील जोशी

यात्राः उज़्बेकिस्तान : मज़हबी पाबंदियों से मुक्त एक  देश -देवमणि पाण्डेय

पर्यावरणः जलवायु परिवर्तन और कोविड-19 संकट –स्रोत फीचर्स

नवगीतः दिल्ली के उन राजपथों से  -शिवानन्द सिंह सहयोगी

व्यंग्यः पहले आप सुसाइड नोट लिख डालें -धर्मपाल महेंद्र जैन

आलेखः जीवन का आनन्द -जेन्नी शबनम

संस्कृतिः लोक- चित्रांकन की अद्भूत परंपरा गोदना -प्रो. अश्विनी केशरवानी

कहानीतस्वीर का दूसरा रुख  -रोचिका अरुण शर्मा 

लघुकथाएँ-  सुंदरता,  वहाँ है पानी,  चकमा,  मुझसे पूछा था क्या -सीमा व्यास

कविताः इन दिनों कविताएँ लिखती है मुझे -सत्या शर्मा  'कीर्ति '

लघुकथाः महँगी धूप  -रवि प्रभाकर

बाल कविताएँ-  स्वच्छ भारत,  ताऊ जी की बुक स्टाल  -चक्रधर शुक्ल

किताबें- जीवन के अनुभवों की सीख बाँटते ताँका -रमेश कुमार सोनी

दो मुक्तकः -गुंजन अग्रवाल 

जीवन दर्शनः गृहिणी की गरिमा -विजय जोशी

6 comments:

neelaambara said...

बहुत ही सुन्दर अंक हमेशा के समान। हार्दिक बधाई आदरणीया रत्ना जी

Krishna said...

हमेशा की तरह उम्दा अंक के लिए रत्ना वर्मा जी को हार्दिक बधाई।
रमेश कुमार सोनी जी द्वारा लिखी मेरी पुस्तक समीक्षा को इस अंक में स्थान देने के लिए आपका हार्दिक आभार।

Ramesh Kumar Soni said...

एक और अच्छे अंक के लिए आप और आपकी टीम को हार्दिक बधाई। सभी स्तम्भ अच्छे हैं।

Anita Lalit (अनिता ललित ) said...

सदा की तरह ख़ूबसूरत अंक! हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ!
~सादर
अनिता ललित

प्रियंका गुप्ता said...

उदंती के प्रकाशन में रत्ना जी का साहित्यिक समर्पण साफ झलकता है । इस बार का अंक भी बहुत सुंदर और सार्थक निकला है, जिसके लिए हार्दिक बधाई ।

रत्ना वर्मा said...

आप सबसे निरंतर मिल रहे सहयोग औेर स्नेह से उत्साह बना रहता है! आप सबने सराहा इसके लिए सभी का दिल से बहुत- बहुत आभार और शुक्रिया... 🙏

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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