September 15, 2017

जीवन दर्शन

जियो तो ऐसे जियो
- विजय जोशी
(पूर्व ग्रुप महाप्रबंधक, भेल, भोपाल)
मानव जीवन में एक बात बड़ी स्पष्ट है और वह यह कि आदमी धरती पर बगैर नाम के आता है और नाम के साथ जाता है। अब यह उस पर निर्भर है कि वह कैसे कर्म करता है और अच्छा नाम लेकर धरती से विदा होता है या बदनाम होकर। इसलिए इंसान के जीवन की पहली प्राथमिकता ही यह होना चाहिए कि वह जिये तो ऐसे जिये कि लोग उसे सदियों तक याद करें। कबीर ने तो कहा ही है :  ऐसी करनी कर चले आप हंसे जग रोए। अत: वे पांच चीजें जिनसे हमारा जीवन प्रभावित होता है वे इस प्रकार हैं। 
1) प्रसन्नता (Happiness- Keeps you sweet)- यह आप में मधुरता का संचार करती है और आपको कार्य संपादन हेतु प्रसन्नता का प्लेटफार्म प्रदान करती है। प्रसन्न मन से किए कार्य की सेवा तो सफलता स्वयं करती है। आपको उसके लिए विशेष प्रयत्न भी नहीं करने पड़ते।  
2) अभ्यास (Trials - Keep you strong)- आपको मजबूत बनाता है। इससे से आपके आत्मविश्वास में अभिवृद्धि होती है। अभ्यास से तो मूर्ख तक तर जाता है। कहा भी गया है - करत करत अभ्यास के ,जड़मति होत सुजान। इसकी महिमा सर्वविदित है। अत: इसे आदत का अंग बनाएँ।
3) दुख (Sorrows - Keeps you human)- दुख आदमी को माँजता है। उसके व्यक्तित्व को संवेदनशील बनाता है। यह आप में मानवीयता का संचार करता है। स्वयं भोगे दुख से ही दूसरों के दुख को अपने अंतस में अनुभव कर पाने की शक्ति का सृजन होता है।
4) असफलताएँ (Failures -  Keeps you humble) - जीवन में सदैव सफलता संभव नहीं। हर परिस्थिति से जूझ पाने की क्षमता तो असफलता का स्वाद चखने के बाद ही प्राप्त होती है। सच कहें तो जीवन में असफलता आपको विनम्र बनाती हैं। आगे के लिए और अधिक तैयारी के साथ जीवन रण में उतरने की कला का संदेश देती हैं। इसलिए इन से घबराएँ नहीं। उचित मानसिक तैयारी करें पर पूरी विनम्रता के साथ।
5) सफलता (Success - Keeps you glowing) - दिल में सफलता की चाहत लिये ही तो व्यक्ति किसी भी कार्य को आरंभ करता है। यह उसका वांछित है। यह आप के व्यक्तित्व में तेज और ऊर्जा का संचार करती है, लेकिन याद रखिए वह केवल ईश्वर है जो आप को जीवन में आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करता है। ऐसे क्षणों में मन में कृतज्ञता का भाव रखिए।
सारांश में यह की जीवन में हर तरह की परिस्थिति आती है और हर परिस्थिति में सम भाव से रहने का नाम ही है ज़िदगी। बस यह एक मूल मंत्र याद रखिए कि सफलता मिले तो गर्राना नहीं और असफलता मिले तो घबराना नहीं।
सम्पर्क-  8/ सेक्टर-2, शांति निकेतन (चेतक सेतु के पास) भोपाल- 462023, मो. 09826042641, E-mail- v.joshi415@gmail.com

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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