July 25, 2017

बादलों को छूकर..

 बादलों को
 छूकर..

- सुदर्शन रत्नाकर

मैं कालिदास तो नहीं हूँ
जो मेघों से कहूँ
मेरा संदेश तुम तक ले जाएँ
लेकिन इन बादलों को छूकर
तुम्हारे पास से जो हवा आती है
उस हवा में
तुम्हारे प्यार की महक
मुझे अपने पास
तुम्हारे होने का एहसास करा जाती है
और इस एहसास का होना
मेरे लिए कुछ कम तो नहीं है।
जब भी आसमान में
बादल गहराते हैं
तुम्हारे पास होने का यह एहसास
मेरे भीतर से
मेरे 'मैंको ' तुमसे स्वयं ही जोड़ लेता है।
मैं कालिदास की नायिका की तरह
तुम्हारे साथ पहाड़ों पर
उछलती -कूदती
भीग तो नहीं सकती
हाँ-मेरा मन भीग -भीग जाता है
भीतर तक।
माथे पर आ गई
गीली लटों को हटाते हुए
तुम्हारे हाथ का स्पर्श पाती हूँ।
और बिन छुए, तुम्हारे हाथों की छुअन को,
अपने मन में समेट लेती हूँ।
तब मैं तुम्हारे अनकहे, अनछुए स्पर्श से बँधी
सारे स्वर्ग को धरती पर उतार लेती हूँ।
मैं कालिदास या कालिदास की नायिका न सही
तुम्हारे अस्तित्व को अपने अस्तित्व में
समेट लेने वाली
कल्पना तो हूँ न। 

सम्पर्क: ई -29, नेहरूग्राँऊड, फ़रीदाबाद -121001, मो. न.9811251135, sudershanratnakar@gmail.com

1 Comment:

अनिता मंडा said...

बहुत सुंदर

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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