July 10, 2020

स्वास्थ्य

कहीं वायरस घर तो नहीं पहुँच रहा
जर्मन फेडरल इंस्टीट्यूट फॉर रिस्क एसेसमेंट की एक स्टडी के मुताबिक, फलों और सब्जियों से भी वायरस आप तक पहुँच सकता है। अनाज तो हम बहुत दिन का एक साथ रख सकते हैं और उसकी खरीदारी भी रोज-रोज नहीं होती, मगर सब्जियाँ तो हर कुछ दिन बाद खरीदनी पड़ती हैं। कोरोना वायरस के अलग-अलग वस्तुओं पर जीवित रहने की अवधि अलग होती है। ऐसे में यह सवाल वाजिब है कि बाजार से खरीदी जाने वाली सब्जी संग कहीं वायरस तो घर नहीं पहुँच रहा। सोशल मीडिया पर तमाम महिलाएँ पूछ रही हैं कि सब्जियों को किस तरह से धोएँ ताकि कोरोना से बचे रहें। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, बाहर से आने वाले सामान से कोरोना फैलने की आशंका बेहद कम है।
फिर भी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बाहर से लाई गई चीजों को पहले सैनिटाइज कर लिया जाए तो संक्रमण फैलने का खतरा कम हो जाता है, फिर चाहे वह ग्रॉसरी आइटम हो या फिर फल और सब्जियाँ। कोराना वायरस को नंगी आँखों से नहीं देखा जा सकता है इसलिए हम न चाहते हुए भी फल और सब्जियों के माध्याम से उससे संक्रमित हो सकते हैं। इसलिए बेहतर है कि आप इन्हें घर पर लाकर अच्छी तरह से धो लें। धोने के लिए कोई एक तरीका अपनाने की जरूरत नहीं है आपके पास जो साधन घर पर उपलब्ध हो या आपको जो सुविधाजनक लगे उस तरीके को अपना सकते हैं -
 फल और सब्जियों को धोने के खास तरीके
- सब्जियों और फलों को 5 से 10 मिनट तक सिरका मिले पानी में भिगोएँ और उसके बाद अच्छी तरह से धो लें।
- फूलगोभी, पालक, ब्रोकली, बंदगोभी जैसी सब्जियों को दो प्रतिशत साधारण नमक वाले गर्म पानी से धोएँ।
- गाजर और बैंगन जैसी सब्जियों को इमली वाले पानी के घोल से धोएँ।
- ओजोनेटेड पानी से धोने से पेस्टीसाइड को भी काफी हद तक साफ किया जा सकता है।
पानी से धोना ही काफी
अमेरिका के यूटा विश्वविद्यालय की विशेषज्ञ टेरेसा हँसकर कहती हैं कि सब्जियों को पानी से धोना भर ही पर्याप्त है। हालांकि अगर सिरका या नींबू वाले पानी से धोएँगे तो और अच्छा रहेगा।
कुछ और घरेलु उपाय
- सब्जियों या फलों को 30 मिनट के लिए एक बड़े बर्तन में पानी के साथ इनके से किसी एक घोल में भिगोएँ और उसके बाद अच्छी तरह से साफ पानी से धोएँ।
- फल और सब्जियों, जिन पर वैक्स किया हो के लिए एक कप पानी, आधा कप सिरका, एक बड़ा चम्मच बेकिंग सोडा और अंगूर बीज के अर्क का छींटा करें और 1 घंटे के लिए छोड़ें। उसके बाद धोएँ और इस्तेमाल करें।
इसके अलावा इनमें से किसी एक घोल को तैयार करें, उसका फल और सब्जियों पर छिड़काव करें और 5 से 10 मिनट छोडऩे के बाद साफ पानी से धोएँ-
- 1 चौथाई कप सिरका या 2 बड़े चम्मच नमक।
- 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस, 2 बड़े चम्मच सफेद सिरका, 1 कप पानी
 - 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस, 2 बड़े चम्मच बेकिंग सोडा, 1 कप पानी।
सामान्य तरीके
- सब्जियों-फलों को नल के साफ चलते पानी या पीने के पानी से धोएँ और साफ कपड़े से सुखाएँ।
- आलू, गाजर, शलजम आदि सब्जियों को 5 से 10 सेकेंड के लिए नरम ब्रश या साफ कपड़े से पोछें व हल्के गुनगुने पानी से धोएँ।
- धोने से पहले पत्तेदार सब्जियों जैसे बंदगोभी की ऊपरी परत उतार लें।
- आम, नाशपाती, किवी जैसे फलों और लौकी, तोरई का छिलका उतार दें
- छिलका सहित खाने वाले फलों को एक घंटे तक पानी में भिगोएँ।
हरी पत्ते दार सब्जियाँ
एक बड़े कटोरे में पानी भरें और उसमें साग तथा अन्य  पत्तेपदार सब्जियों को डुबोकर कुछ देर के लिए रख दें। उसके बाद इसे अच्छी  तरह से हाथ से मलें। फिर इसे एक छननी में डालकर चलते हुए नल के ठंडे पानी से धो लें।
जड़ वाली सब्जियाँ
जड़ वाली सब्जी जमीन के अंदर उगती हैं इसलिए जाहिर-सी बात है कि इनमें ढेर सारी मिट्टी लगी होती है। बाजार से लाकर सबसे पहले इन्हें  ब्रश से रगड़ कर साफ करें। उसके बाद इन्हें हल्के  गुनगुने पानी से धो लें।
बाजार से लाए फल और सब्जियों को पर अच्छी मात्रा में बेकिंग सोडा छिड़कें फिर इन्हें 15 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। इससे उनकी ऊपरी परत पर जितने भी बैक्टीरिया और वायरस होंगे वो दूर हो जाएँगे। इसके बाद सभी को नल के साफ पानी से अच्छी तरह से धो लें।
वेनिगर से कैसे धोएँ हरी पत्ते दार सब्जियाँ
एक बड़े कटोरे में वाइट वेनिगर डालकर ऊपर से 3 कप पानी मिलाएँ। इस घोल को मिक्स  करने के लिए चम्मएच से चलाएँ। पत्तेदार सब्जिायों को अलग-अलग कर लें और फिर पानी में डुबाएँ। 20 मिनट के बाद उन्हें  बाहर निकालकर नल के पानी से धो लें। फिर सब्जियों से अतिरिक्त पानी को झाड़ लें और उसे कुछ देर हवा में सुखाएँ या किचन टॉवल पर रख कर सुखाएँ।
हल्दी के पानी से सब्जियों की सफाई
कई घरों में हल्दी का उपयोग फलों और सब्जियों को साफ करने के लिए भी किया जाता है। हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाया जाता है जिसके प्रयोग से फल और सब्जियों में लगे कीटाणुओं का नाश होता है। बाहर से लाई सब्जियों को धोने के लिए सबसे पहले जरूरतभर का पानी गरम करें और उसमें 1 चम्मच हल्दी मिलाएँ। फिर उसमें फल और सब्जियाँ डालें और थोड़ी देर तक रहने दें। फिर इन्हें  निकाल कर बाद में साफ पानी से धो लें।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
कोरोना वायरस के खतरे को कम करने के लिए बहुत से लोग बाजार से सब्जी खरीदकर लाने के बाद उसे साबुन या फिर डिटर्जेंट से साफ कर रहे हैं। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हो सकता है बल्कि आपकी सब्जियाँ भी खाने योग्य नहीं बचेंगी। कुछ जगह पर ऐसे मामले भी देखे गए, जहाँ पर सब्जियों को साबुन और डिटर्जेंट से धोने के बाद खाने से लोगों को पेट दर्द और कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना भी करना पड़ा। लोग बाजार में मिलने वाले केमिकल बेस्ड सेनेटाइजर्स का यूज कर रहे हैं जो महँगे होने के साथ हेल्थ के लिए भी बेहद खतरनाक है।
कनाडा स्थित रिसर्च इंस्टिट्यूट ऑफ फूड सेफ्टी डायरेक्टर जेफ फॉर्बर के अनुसार, खाने से पहले आपको फलों और सब्जियों को साबुन से धोना खतरनाक हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि फलों और सब्जियों को धोने के लिए आप किसी ऐसे सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें जिससे सब्जियों को नुकसान ना पहुँचे और आप स्वस्थ भी बने रहें। चूँकि यह सब अब जीवन का अंग बन गया है और हम अपने दैनिक जीवन में भी प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग करने लग गए हैं अत: ऐसे में क्यों न हम घर पर ही सैनिटाइजर बना कर रखें जो न केवल सस्ता पड़ेगा साथ ही सुरक्षित भी रहेगा। आइए सेनीटाइजर को बनाने की विधि और उसके इस्तेमाल करने के तरीके के बारे में जानते हैं-
सामग्री
1 कप नीम के पत्ते
1 कप पानी
1 बॉटल स्प्रे करने के लिए
1 चम्मच बेकिंग सोडा
बनाने की विधि
सबसे पहले, नीम के पत्तों को धो लें।
अब एक बर्तन में पानी लें और उसमें पत्ते डालें।
इस मिश्रण को धीमी आंच पर गैस पर रख दें।
इसे 15-20 मिनट तक उबालें।
ध्यान दें कि पानी को हरा होने तक उबालना है।
पानी हरा होने के बाद मिश्रण को ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
जब मिश्रण ठंडा हो जाए तो इसमें 2 चम्मच बेकिंग सोडा डालें और अच्छी तरह मिलाएँ।
अब इस पानी को एक साफ स्प्रे बोतल में डालें लें।
जब भी बाहर से फल या सब्जियाँ लाएँ तो इन्हें खुले पानी में धो लें।
इसके बाद बाद इन पर अच्छी तरह इस होममेड नेचुरल सैनिटाइजर का स्प्रे करें और कुछ देर के लिए छोड़ दें।
सब्जी और दूसरे खाने के सामान का स्वाद प्रभावित न हो इसके लिए आप दोबारा इन्हें खुले पानी से धो सकते हैं।
कैसे कार्य कर सकता है यह स्प्रे
आयुर्वेद में नीम की पत्तियों का सेवन करने की बात कही जाती है जो कई प्रकार की बीमारियों के खतरे को कम करता है। वहीं, वैज्ञानिक आधार की बात करें तो नीम की पत्ती और बेकिंग सोडा एंटी बैक्टीरियल एंटी फंगल और एंटीवायरल और एंटी पैरासाइट गुण रखते हैं। इसी प्रभाव के कारण अगर सैनिटाइजर के रूप में इनका प्रयोग किया जाए तो सब्जियों पर मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस के प्रभाव को कई गुना तक खत्म करने के लिए यह प्रभावी रूप से कारगर साबित हो सकता है।
किचन ऐसे रखें सुरक्षित
 सिंक, बर्तन धोने का स्क्रबर, सब्जी काटने के पटले आदि को साफ रखें। मंडी जाने से किचन में आने तक आपने जिन चीजों को छुआ है, वे साफ करें। किचन के डिब्बों, स्विच बोर्ड, मिक्सर आदि बार-बार छुई जाने वाली चीजों को साफ करते रहें।
घर का थैला न लेकर जाएँ
कैलिफोर्निया की लूमा लिंडा विश्वविद्यालय के अनुसार, रीयूजेबल कैरीबैग में सामान्यत: संक्रमण होते हैं इसलिए उसे खरीदारी के लिए न ले जाएँ। दुकान पर थैली में ही सामान लें और घर लाकर प्लास्टिक की थैली को निस्तारित कर दें।

2 Comments:

Rajesh Verma said...

Very useful information... Must follow these days...

Sudershan Ratnakar said...

उपयोगी आलेख

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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