September 26, 2013

प्रेरक

क्षमा

एक दिन बुद्ध ने भूमि पर घिसटते हुए एक लंगड़े योगी को देखा।
मैं अपने पापों का फल भोग रहा हूँ- योगी ने कहा।
तुमने कितने पापों का फल भोग लिया है?
यह तो मैं नहीं जानता।
और कितने पापों का फल भोगना शेष है?
मैं यह भी नहीं जानता।
बस करो अब रुकने का समय आ गया है। ईश्वर से क्षमा माँगना बंद करो और उनसे क्षमा मांगो जिन्हें तुमने आहत किया।

क्षमादान का मूल्य

क्षमादान की शक्ति और उसके महत्व का मोल वही आँक सकते हैं जिन्हें क्षमादान मिला होता है।
कुछ तीर्थयात्रियों का दल मंदिर में दर्शन कर रहा था। उनमें से एक श्रद्धालु को ईश्वर की उपस्तिथि का अनुभव होने लगा। वह समाधि में चला गया और उसने ईश्वर से कहा- भगवन, कृपया मुझे एक यही वरदान दीजिये कि आप मुझसे कभी भी रुष्ट न हों।
मैं तुम्हें यह वरदान नहीं दे सकता ईश्वर ने कहा- यदि तुम मुझे कभी रुष्ट नहीं करोगे तो मैं भी तुम्हें कभी क्षमा नहीं कर सकूँगा। ऐसी स्थिति में तुम दूसरों के प्रति करुणा और दया का भाव भी विस्मृत कर दोगे।
सभी के प्रति अपने ह्रदय में अपार प्रेम का भाव रखो। मैं तुम्हें सदैव क्षमा करता रहूँगा ताकि तुम इस सद्गुण को न बिसरा दो। 
(हिन्दी ज़ेन से)

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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