February 21, 2013

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कुत्ते हमारे वफादार कैसे बने?
कुत्ते दरअसल भेडिय़ों के वंशज हैं, जो थोड़े कम आक्रामक हैं और मित्रतापूर्ण व्यवहार करते हैं। यह लगभग सर्वमान्य तथ्य है कि हज़ारों बरस पहले कुत्तों को पालतू बनाया गया था। कुछ लोग मानते हैं कि इन्हें पालतू बनाया नहीं गया था, बल्कि ये भोजन की तलाश में खुद ही मनुष्यों के पास रहने लगे थे और धीरे-धीरे पालतू हो गए। कौन-सी बात सही है, इसका पता लगाना मुश्किल है।
हाल ही में नेचर में प्रकाशित एक अध्ययन का निष्कर्ष है कि कुत्ते मनुष्यों के आसपास रहते-रहते ही उनके साथी बने थे। इस अध्ययन के मुखिया उपसला विश्वविद्यालय के कस्टिंन लिंडब्लैड टोह का कहना है कि हालांकि यह संभव है कि मनुष्यों ने जाकर कुछ भेडि़ए पकड़ लिये होंगे और उन्हें पालतू बनाया होगा, मगर ज़्यादा संभव यह लगता है कि खेती की शुरुआत के बाद भेडिय़ों को मनुष्यों का बचा-खुचा खाना हासिल करना सुविधाजनक लगा होगा।
 जीवाश्म प्रमाणों से पता चलता है कि कुत्तों का पालतूकरण साइबेरिया या इज्ऱाइल में 33,000 से 11,000 वर्ष पूर्व के बीच हुआ है। दूसरी ओर, आधुनिक कुत्तों के डीएनए विश्लेषण के आधार पर लगता है कि ये करीब 10,000 साल पहले पालतू हुए हैं। ऐसा माना जाता है कि इनका पालतूकरण दक्षिण-पूर्व एशिया या मध्य-पूर्व में कहीं हुआ होगा हालाँकि कई विशेषज्ञ मानते हैं कि इन्हें अलग-अलग जगहों पर एक से अधिक बार पालतू बनाया गया है।
बहरहाल, लिंडब्लैड-टोह के दल ने यह देखने की कोशिश की कि भेडिय़ों और कुत्तों के जीन्स में क्या अंतर हैं। उन्होंने पाया कि भेडिय़ों और कुत्तों के जीनोम के 36 खंडों में अंतर होते हैं। इनमें से 19 खंड ऐसे थे जो मस्तिष्क के विकास या कार्य से सम्बंधित हैं। इसके अलावा 10 खंड ऐसे हैं जिन्होंने कुत्तों को मंड का पाचन करने में सक्षम बनाया। गौरतलब है कि मनुष्यों के भोजन में मंड यानी स्टार्च एक प्रमुख घटक होता है। इसके आधार पर माना जा सकता है कि स्टार्च को पचाने की क्षमता का विकास मनुष्यों और कुत्तों में साथ-साथ हुआ। यह सहविकास का एक उम्दा उदाहरण है और इसका सम्बंध कृषि के विकास से है।
मगर अन्य विशेषज्ञ बताते हैं कि कुत्तों के सबसे पुराने जीवाश्म खेती के विकास से भी पहले के हैं। इन विशेषज्ञों को लगता है कि खेती से कुत्तों के पालतूकरण का सम्बंध नहीं है। हो सकता है कि पहले कुत्तों में व्यवहारगत परिवर्तन हुए हों और स्टार्च पचाने की क्षमता का विकास बाद में हुआ हो। अलबत्ता, इतना तो कहा ही जा सकता है कि आधुनिक कुत्तों का भोजन भेडिय़ों से अलग होता है और उन्हें मांस खाने की ज़रूरत नहीं है। (स्रोत फीचर्स)

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