September 22, 2010

ट्रैफिक है नो टेंशन

उड़कर जाइए ऑफिस

अब कार चलाते हुए जब ''ट्रैफिक जाम हो जाए तब आपको खीझते हुए हार्न बजाने की जरुरत नहीं पड़ेगी, बल्कि अपनी कार में लगे पंखों को खोल देना होगा और उड़कर आगे बढ़ जाना होगा।
ट्रैफिक की समस्या से आज हर कोई परेशान है जिसकी वजह है दिन-ब-दिन बढ़ते वाहनों की संख्या। ऐसे में अपने कार्यालय समय पर पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है। देर हो जाने पर बीच सड़क में जब ट्रैफिक जाम हो जाता है तो हम कल्पना करने लगते हैं कि काश मेरी कार में हेलीकाप्टर की तरह पंख होते तो मैं समय से काम पर पहुंच जाता। तो जनाब अपनी कल्पना को पंख लगा ही लीजिए क्योंकि अब जल्दी ही आपके लिए आने वाली है उडऩे वाली कार। अमेरिकी उड्डयन विभाग ने हल्के वजन की उडऩे वाली कारों के व्यवसायिक निर्माण की इजाजत दे दी है। इस उडऩे वाली कार को 'टेराफुगिया ट्रांजिशन' नाम दिया गया है।
इसे उड़ान भरने के लिए 1700 फुट लंबी हवाई पट्टी की जरूरत होगी। सीधे शब्दों में कहा जाए तो यह अब तक का सबसे छोटा विमान होगा, जिसका वजन मात्र 650 किलोग्राम होगा।
दो लोगों के बैठने के लिए बनाई जाने वाली यह अद्भुत कार सड़कों पर भी चल सकेगी। इस दौरान इसके पंख सिमटे होंगे लेकिन उड़ान भरने की स्थिति में ये अपने- आप खुल जाएंगे। इसका प्रोपेलर पीछे की ओर लगा होगा। यानी यदि आप सड़क पर कार चलाना चाहते हैं तो सड़क पर उतरने के 30 सेकेंड के भीतर ही वाहन के पंख सिमट जाएंगे और यह एक कार में बदल जाएगी। पंखों के सिमटने के बाद कार किसी भी आम कार जितने स्थान में खड़ी की जा सकती है। हवा में यह कार 115 मील प्रति घंटे (185 किलोमीटर) की रफ्तार से उड़ सकेगी। एक बार ईंधन भरवाने के बाद यह 735 किलोमीटर की उड़ान भर सकेगी। साथ ही इस पर 250 किलोग्राम तक वजन ढोया जा सकता है।
अमेरिकी कम्पनी 'टेराफ्यूजी ट्रांजिशन' वर्ष 2011 तक इस दोहरे उद्देश्य वाली 'उडऩ कार' को लाने की तैयारी में है। शहरी यातायात की भीड़ से बचने के लिए आप इस दो सीटों वाले वाहन से उड़ान भर सकते हैं। टेराफुजिया ट्रांजिशन नाम की कंपनी की इस कार को किसी भी सीधी सड़क पर उड़ाया जा सकता है। लेकिन ऐसा करने के लिए ड्राइवर को पहले पायलट लाइसेंस लेना होगा। उसे स्पोर्ट्स एयरक्राफ्ट उड़ाने का कम से कम 20 घंटे का अनुभव होना चाहिए। परीक्षण उड़ान में पास होने पर इस कार को अगले साल के अंत में सड़क पर उतारा जाएगा।
इसके निर्माता का कहना है कि इस कार का लाइट इतना प्रभावशाली है कि इससे घने बादलों में भी रास्ता आसानी से नजर आएगा। इस कार को बनाने का अधिकार हासिल करने वाली कंपनी-टेराफुगिया का कहना है कि अब तक 70 लोग इसके लिए बुकिंग करा चुके हैं। इसके लिए उन्होंने 10,000 डॉलर की आरक्षित राशि जमा कराई है। इस कार की कीमत लगभग 194,000 डॉलर होगी।
(उदंती फीचर्स)

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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