September 22, 2010

लघुकथाएँ

एक सच्ची रिपोर्ट
- महेश राजा
हमारे यहां के वीडियो हॉल में चलती हुई नीली फिल्मों की शिकायत लोगो ने पुलिस को की। एस.पी. साहब ने थानेदार को तुरंत जांच के आदेश देते हुए लिखा- तुरंत छापा मारो और मालिक को गिरफ्तार कर लो।
थानेदार साहब दो आरक्षकों के साथ पहुंचे। अंदर फिल्म चल रही थी। कुछ देर उन्होंने सेक्स के दृश्य देखे और फिर मालिक को बुलवाया।
वीडियो हॉल के साथ लगे हुए आफिस में आकर बैठ गए। नौकर तुरंत ठंडे की चार बोतलें ले आया। तब तक मालिक भी आ गए।
मालिक ने कहा - आपने क्यों कष्ट किया साहब... हमको बुलावा लिया होता।
थानेदार बोले - नगर में आपके खिलाफ बड़ी शिकायतें हैं... आज एसपी साहब ने छापे का आदेश दे दिया तो आना पड़ा। जब्ती तो बनाना ही पड़ेगी।
मालिक ने पूछा - फिल्म बंद करवा दूं?
थानेदार बोले - नहीं चलने दो... चार नीली फिल्मों के कैसेट निकाल दो... हम जब्ती बना देते हैं... और आप तो आराम करो... मैनेजर को थाने भेज दो... उसकी गिरफ्तारी दिखा देते हैं... बड़े साहब का आदेश है तो कुछ तो करना ही होगा... और हां, एक जमानतदार भी भेज देना... तुरंत मैनेजर को छोड़ दूंगा।
थोड़ी देर इधर- उधर की बातें करने के बाद थानेदार बोले - यह तो बताओ कि ऐसे कैसेट कहां छिपाकर रखते हो?
मालिक ने मैनेजर को बुलाया और कहा - साहब को चार कैसेट अच्छे वाले दे दो।
आफिस की दीवार पर एड्स से बचने के लिए बहुत बड़ी फोटो लगी थी। उसके पीछे से मैनेजर ने चार कैसेट निकालकर दे दिए।
मालिक ने कहा - एकदम लेटेस्ट हैं... इन दिनों खूब चल रहे हैं... और हां, इस बार जरा लेट हो गया...मुख्यमंत्री जी ने बुलवा लिया था... एड्स के खिलाफ बहुत बड़ा शिविर लगाने की योजना शासन की है... जिम्मेदारी मुझ पर ही डाल दी। इसलिए आपका हिस्सा भिजवाने में जरा देर हो गई... लीजिए, रख लीजिए।
सभी पुलिसकर्मी प्रसन्नमुद्रा में बाहर निकले। थानेदार ने बड़े साहब को रिपोर्ट दी -
श्रीमानजी,
आपके आदेशानुसार वीडियो हॉल में छापा मारा गया। मालिक को चेतावनी दी गई और मैनेजर को गिरफ्तार कर उचित कार्यवाही की जा रही है। आपके अवलोकन के लिए दो कैसेट रिपोर्ट के साथ प्रस्तुत हैं। वीडियो मालिक राजधानी गए थे इसलिए मैनेजर को कड़ी चेतावनी दी गई कि भविष्य में नीली फिल्मों का प्रदर्शन वीडियो हाल में न करे।
भूकंप पीडि़त
सेठजी भूकंप में बे-घरबार होने वाले लोगों के लिए बड़े चिंतित थे।
मैंने पूछा- सेठजी, आपने भूकंप पीडि़तों के लिए अब तक क्या किया है?
वह बोले- बहुत किया जी... पांच हजार का चेक तो आज ही भिजवाया... माल और बिकेगा तो फिर भेजेंगे... हमने तो पहले से ही स्टाक भर लिया था ... जानते थे कि माल की कीमतें भूकंप के बाद बढ़ेगी... इसलिए उधर भूकंप आया और इधर हमने डबल रेट में माल निकाल दिया। इस कमाई में दस परसेंट का हक तो भूकंप वालों को जाना ही चाहिए।

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