April 20, 2010

चॉकलेट दर्द की दवा !

अपने अनुभवों से बहुतों ने यह साबित किया है कि यदि आपके सर में दर्द हो रहा हो तो थोड़ा मीठा खा लीजिए दर्द से आराम मिल जाएगा।
वा से दर्द दूर करने के तमाम रास्ते हैं। दवाईंयां खाने से दर्द तो चला जाता है, लेकिन कई साइड इफेक्ट भी झेलने पड़ते हैं। लेकिन इधर कुछ शोधकर्ताओं ने जो शोध किए हैं और दावा किया है उसे जानकर आपको खुशी होगी कि अब न केवल आपको दर्द से छुटकारा मिलेगा, बल्कि मुंह का जायका भी बदल जाएगा। यह नया शोध बताता है कि चॉकलेट खाने या एक ग्लास पानी पीने से दर्द में आराम मिलता है। बशर्ते उस दौरान आप भूखे या प्यासे न हों।
शिकागो यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता डॉ. पैगी मेसन के अनुसार- शौकिया तौर पर चाकलेट खाना या महज पानी पीना प्राकृतिक दर्द निवारक के तौर पर काम करता है। पूर्व में किए शोधों से भी साबित हो चुका है चॉकलेट खाने से दर्द में आराम मिलता है।
वैसे अपने अनुभवों से बहुतों ने यह साबित किया है कि यदि आपके सर में दर्द हो रहा हो तो थोड़ा मीठा खा लीजिए दर्द से आराम मिल जाएगा। जर्नल ऑफ न्यूरोसाइंस में प्रकाशित शोध के मुताबिक प्यास या भूख न लगने पर खान- पान दर्द निवारक का काम करता है। इस शोध में चूहों को चॉकलेट, चीनी मिला हुआ या सादा पानी पीने के लिए दिया गया। उनके पिंजरे की जमीन को बल्ब की रोशनी से गर्म किया गया। गर्माहट पर चूहों ने अपना पैर जमीन से उठा कर प्रतिक्रिया दी। लेकिन खाने-पीने के दौरान चूहों की शारीरिक प्रक्रियाएं धीमी रहीं। डा. मेसन ने बताया, इसका कैलरी से कुछ लेना-देना नहीं है। पानी में कोई कैलरी नहीं होती। सैक्रीन में भी शर्करा नहीं होती, लेकिन दोनों में चॉकलेट जैसा ही प्रभाव होता है। हैरान न हों, वैज्ञानिकों का मानना है खाने-पीने से दर्द में तभी आराम मिल सकता है जब इसे आनंद लेने के लिए खाया जाए। बीमार चूहे द्वारा चॉकलेट खाने से कोई फर्क नहीं देखा गया। मस्तिष्क में मौजूद रेफे मैग्नस नामक हिस्सा खाने या पीने के दौरान दर्द को कम करने का काम करता है। डॉ. मेमन के अनुसार यह प्रभाव मनुष्यों में भी पाया जाता है। पूर्व के शोधों में साबित हो चुका है बच्चों को टीका लगाने पर दर्द होने के दौरान मीठा पेय पदार्थ देने पर उन्हें कम दर्द होता है।
तो जनाब यदि आप तेज दर्द से परेशान हैं तो चॉकलेट खाकर और एक गिलास ताजा पानी पीकर देखिए फिर बताइए क्या इससे आपको राहत मिली? यदि हां तब तो चाकलेट बनाने वाली कंपनियों के वारे न्यारे हो गए समझिए।

1 Comment:

अविनाश वाचस्पति said...

अब दवाई नहीं सिर्फ चॉकलेट खाकर ही दर्द भगायेंगे पर उन बच्‍चों का क्‍या और बड़ों का भी क्‍या, जो चाकलेट के लालच में झूठे ही दर्द बतलायेंगे और खूब चॉकलेट खायेंगे। निश्चित ही इससे चॉकलेट कंपनियों के वारे न्‍यारे हो जायेंगे और दर्द निवारक दवाईयों वालों के सिर में दर्द होगा और वे भी दर्द भगाने के लिए चॉकलेट ही खायेंगे। सुंदर और मनमोहक चॉकलेट कथा।

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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