March 18, 2010

टमाटर फायदा ही फायदा

खून का थक्का रोकने में कारगर है टमाटर के बीजों का रस। बुजुर्गो के इस कथन कि टमाटर खाने से चेहरे पर लाली आती है को अब वैज्ञानिक आधार भी मिल गया है। भारतीय मूल के एक शोधकर्ता ने अपने ताजे शोध में बताया कि टमाटर के बीजों से तैयार रस रक्तवाहिनियों में थक्का जमने से रोकता है। इससे हार्ट अटैक एवं स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है। रक्तवाहिनियों में बनने वाला खून का थक्का रक्त के बहाव में रुकावट पैदा करता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा होता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक एस्पिरिन की अपेक्षा टमाटर के बीजों का रस इन बीमारियों की रोकथाम में ज्यादा कारगर साबित होता है। खून को पतला बनाने के लिए लाखों लोग एस्पिरिन का सेवन करते हैं। एस्पिरिन से आंतरिक रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है। शोध के मुताबिक टमाटर के बीजों का रस का सेवन आंतरिक रक्तस्राव के खतरे को कम कर देता है। टमाटर के इस्तेमाल का जहां महज 18 घंटे में असर दिखाता है, वहीं एस्पिरिन से ठीक होने में 10 दिन लगते हैं। टमाटर व एस्पिरिन दोनों प्लेटलेट्स को नियंत्रित करते हैं। खून का थक्का जमने के लिए प्लेटलेट्स ही जिम्मेदार होते हैं। धूम्रपान, खून में कोलेस्ट्रॉल के उच्च स्तर और तनाव के कारण प्लेटलेट्स के आकार में ऐसे बदलावों से थक्के जमने की आशंका बढ़ जाती है।
यह तो हुई टमाटर के बीज के फायदे लेकिन पूरा का पूरा टमाटर ही हमारे भोजन के सर्वाधिक लाभदायक पदार्थों में से एक है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार टमाटर अनेक प्रकार के कैंसरों से हमारी सुरक्षा करता है, जिसमें छाती और गले के कैंसर प्रमुख हैं। केवल 100 ग्राम टमाटर से 0.9 ग्राम प्रोटीन, 0.2 ग्राम वसा और 3.6 ग्राम कार्बोहाइड्रेट प्राप्त हो जाते हैं। इसमें रेशों की मात्रा ब्राउन ब्रेड के एक स्लाइस के बराबर होती है और आयरन की मात्रा एक अण्डे की तुलना में पांच गुनी। साथ ही इससे हमें पोटेशियम और फासफोरस भी प्राप्त होते हैं। हरे टमाटर की तुलना में लाल टमाटर को ज्यादा फायदे देने वाला बताया गया है, क्योंकि लाल टमाटर को तलने पर वह लाइकोपीन को अच्छे से आब्जर्व कर लेता है। खास बात है कि टमाटर को तेल में तलने के बावजूद उसके न्यूट्रिएंट्स खत्म नहीं होते। टमाटर में पोटाशियम, नियासिन, विटामिन बी6 और फॉलेट होते हैं, जो दिल की सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं। तो अब आप जब भी टमाटर खरीदने जाएं, तो लाल टमाटर ही चुनें। इनमें बीटा कैरोटिन व आईकोपीन की मात्रा बहुत अधिक होती है।
वैसे, अगर आप अपना वजन कम करने के बारे में सोच रहे हैं, तो भी टमाटर आपके लिए फायदेमंद होगा। इसमें फाइबर ज्यादा व कैलरीज कम होती हैं, जो वजन घटाने में मदद करती है। इसमें मौजूद बीटा कैरोटिन भी शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है। दरअसल, यह बॉडी में विटामिन ए में बदल जाता है और यह तो सभी जानते हैं कि विटामिन ए त्वचा, बालों, हड्डियों व दांतों को मजबूत रखने के लिए कितना जरूरी है।
आयुर्वेद में भी टमाटर को अत्यंत लाभकारी बताया गया है। इसमें अंगूर और संतरे की अपेक्षा अधिक विटामिन होते हैं। पथरी, खांसी, आर्थराइटिस, सूजन या मांसपेशियों के दर्द में टमाटर के सेवन का निषेध किया गया है।

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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