March 17, 2010

इस अंक के लेखक

डॉ. मुक्ता

8 जून 1954 मथुरा उत्तरप्रदेश में जन्म। शिक्षा - बेचलर ऑफ फार्मेसी, बी.एच.यू, संगीत प्रवीण (कथक), प्रयाग संगीत समिति, बेचलर इन आयुर्वेदिक एंड यूनानी सिस्टम ऑफ मेडिसिन।
कृतियां - पलाश वन के घुंघरू, आधा कोस, इस घर उस घर, सीढिय़ों का बाजार (कहानी संग्रह) प्रेम खुदे हुए शब्द तो नहीं, जानें क्यों बार-बार (कविता संग्रह) शहर जल रहा है (बांग्ला में अनुदित कहानियों का संग्रह) आचार्य रामचंद्र शुक्ल (जीवनी) सदी के अंत में हिन्दी, स्त्री संशब्द विवेक और विभ्रम, उत्तर आधुनिकता: उत्तर संवाद (संपादन) अनेक पुरस्कारों से सम्मानित।
संप्रति- सह निदेशक, आचार्य रामचंद्र शुक्ल साहित्य शोध संस्थान, वाराणासी, संपादक- नया मानदण्ड।
संपर्क- बी- 4/1, अन्नपूर्णा नगर कालोनी, विद्यापीठ रोड, वाराणासी- 221002,
फोन - 0542-2220271, मोबाइल- 9839450642

कवि कुलवंत
11 जनवरी, रूड़की, उत्तरांचल में जन्म। प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा- करनैलगंज, गोण्डा (उ.प्र.),उच्च शिक्षा- अभियांत्रिकी, आई आई टी रुड़की। पुस्तकें- निकुंज (काव्य संग्रह), परमाणु एवं विकास (अनुवाद), विज्ञान प्रश्न मंच। पुस्तक (प्रकाशनाधीन)- कण- क्षेपण। विभिन्न पत्रिकाओं में अनेक साहित्यिक एवं वैज्ञानिक रचनाएं प्रकाशित। काव्य, लेख, विज्ञान लेखों, विभागीय हिंदी सेवाओं के लिए विभिन्न संस्थाओं द्वारा पुरस्कृत।
संप्रति -वैज्ञानिक अधिकारी, पदार्थ संसाधन प्रभाग, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र मुंबई - 400085
संपर्क- 2 डी, बद्रीनाथ, अणुशक्ति नगर, मुंबई 400094
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वंदना अवस्थी दुबे
पहले विज्ञान, और बाद में पुरातत्व विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री। 12 वर्षों तक दैनिक देशबंधु- सतना में उपसंपादक के रूप में कार्य। आकाशवाणी की नियमित कलाकार, लगभग सभी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में कहानी, आलेख का प्रकाशन। स्वतन्त्र पत्रकारिता। वर्तमान में निजी माध्यमिक विद्यालय का संचाालन/प्रबंधन।
संपर्क- केयर पब्लिक स्कू, मुख्त्यार गंज, सतना- म.प्र. 485001
मोबाइल- 09993912823,
Email- vandana.adubey@gmail.कॉम
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सूरज की तरफ घूमने वाला जादुई घर
आपको ताज्जुब तो जरूर होगा, लेकिन आस्ट्रेलिया के दम्पत्ति ने एक नायाब घर बनाया है। इस घर की खासियत यह है कि किसी भी कमरे में आप जब चाहे धूप की रोशनी पा सकते हैं, बस आपको एक बटन दबाना होगा। उदाहरण के लिए आप लीविंग रूप में चाय की चुस्कियां ले रहे हैं और आपका मन करता है कि चाय पीते हुए धूप का आनंद लिया जाए, तो बस देर किस बात की है एक बटन दबाइए आपके कमरे में सूरज की रोशनी हाजिर है।
जी हां साउथ वेल्स के ल्यूक और डेबी एरिंघ का घर कुछ ऐसा ही है, जहां वे अपने हर कमरे में किसी भी कोण से धूप का आनंद ले सकते हैं। और यदि कभी धूप तेज लग रही हो तो भी आप अपना कमरा दूसरे कोने में ले जा सकते हैं। उनका यह मकान अष्टकोण शेप में बना है जो एक टर्नटेबल और स्पिन पर फिट किया गया है। यह पूरा ढांचा बिजली से चलने वाली दो मोटरों पर निर्भर है। इस मकान को बनाने और डिजाइन करने में इस जोड़े ने करीब 3 करोड़ 20 लाख रुपए खर्च किए हैं। उनका यह आशियाना किसी जादुई घर से कम नहीं है जहां बैठकर वे ठंड के मौसम में अपनी इच्छानुसार धूप सेंकते हैं।

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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