February 25, 2009

आपके पत्र / मेल बॉक्स

जनता का संदेश

उदंती से जुड़े प्रकाशन मंडल के सभी सदस्यों को नववर्ष की बधाई, रमन सरकार के दोबारा आने का सबसे बड़ा कारण मेरे विचार से शिक्षाकर्मियों की ईमानदारी से की गई भर्ती है, साथ ही उनको दिया जाने वाला वेतनमान भी स्वागत योग्य कदम है,बेरोजगारों को रोजगार देने वाली सरकार ही सत्ता पाने की हकदार होगी, यह संदेश जनता ने दे दिया है, जोगी जी जैसे प्रतिभाशाली प्रशासक ने मुख्यमंत्री रहकर रोजगार जैसे संवेदनशील मुददे को गंभीरता से न लेकर गलती की और पद से बाहर हो गए...

- अजय साहू, शिलांग, मेघालय से

भीड़ से अलग

दिसम्बर 08 अंक देखने को मिला। ऐसी आकर्षक और सारगर्भित पत्रिका देखकर भला किसका मन प्रसन्न न होगा? इसे यह आकार देकर, आप संपादित कर रही हैं यह भी मेरी खुशी को और अधिक बढ़ाने के लिए पर्याप्त है। आपकी कला-दृष्टि और सूझबूझ इस पत्रिका को भीड़ से अलग करती है।

- कवि मुकुन्द कौशल, पद्मनाभपुर, दुर्ग (छ.ग.)

कमी को पूरा करने का प्रयास

उदंती जैसी सुरुचि सम्पन्न पत्रिका कस्बाई शहरों में नहीं मिलती है। कभी-कभार महानगरों में उदंती मिल जाती है। देर सबेर ही पढऩे को मिलता है। पत्रिका में शामिल विभिन्न विषयों को देखकर पता चलता है कि आपने धर्मयुग, साप्ताहिक हिन्दुस्तान जैसी अच्छी पत्रिकाओं की कमी को पूरा करने का प्रयास किया है। बधाई।

- रामजन्म मिश्र, सकरुगढ़ साहिबगंज, झारखंड

शुचिता, सत्यता, सभ्यता की बातें

उदंती का अंक पढ़ा। आपको बधाई। चेतना की अभिव्यक्ति का एक हिस्सा बन रही उदंती को मेरा असीम प्रेम, आज शुचिता, सत्यता और सभ्यता की बातें कहने वाले उचित माध्यम तक नहीं पहुंच पाते। उम्मीद है उदंती वह माध्यम बनेगी...।

- विकल्प ब्यौहार, रायपुर से

सुनीता के बेहतरीन चित्र

जनवरी का उदंती अंक प्राप्त हुआ। विविधतापूर्ण रचनाओं से समृध्द यह पत्रिका बहुत अच्छी लगी। गोविंद मिश्र की 'सतपुड़ा' पर यात्रा कथा सचमुच में ऊष्मा से भर गई। मधु अरोड़ा की बातचीत में महेश भट्ट की साफगोई के साथ अन्य रचनाएं भी अच्छी लगीं। सुनीता वर्मा के चित्र ने पत्रिका की सुंदरता में चार चांद लगा दिए हैं। मेरी गज़़लों की ख़ूबसूरत प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत शुक्रिया। इतनी सुंदर पत्रिका पाठकों तक पहुंचाने के लिए उदंती परिवार को बधाई।

-देवमणि पाण्डेय, मुम्बई

सतपुड़ा... लंबा पर रोचक

सतपुड़ा यात्रा वृत्तांत लंबा पर रोचक लगा, चित्र भी सुंदर लगे। पहला चित्र संभवत गलत लग गया है यह भीमबेटका का है। आभार।

- पी.एन. सुब्रमण्यिम, पल्लीकारा (त्रिशुर), केरल

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लेखकों से अनुरोध...

उदंती. com एक सामाजिक- सांस्कृतिक वेब पत्रिका है। पत्रिका में सम- सामयिक मुद्दों के साथ पर्यावरण को बचाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को प्राथमिकता से प्रकाशित किया जाता है। समाजिक जन जागरण के विभिन्न मुद्दों को शामिल करने के साथ ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े लेखों और साहित्य की विभिन्न विधाओं जैसे कहानी,कविता, गीत,गजल, व्यंग्य,निबंध,लघुकथाएं और संस्मरण आदि का भी समावेश किया गया है। उपर्युक्त सभी विषयों पर मौलिक अप्रकाशित रचनाओं का स्वागत है।आप अपनी रचनाएँ Email-udanti.com@gmail.comपर प्रेषित करें।

माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास

एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही साथी समाज सेवी संस्थाद्वारा संचालित स्कूलसाथी राऊंड टेबल गुरूकुल में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है।
शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से साथी राऊंड टेबल गुरूकुलके बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है।
अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर,तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में),क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर,पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर,जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ।
सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी,रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबाइल नं.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

उदंती.com तकनीकि सहयोग - संजीव तिवारी

टैम्‍पलैट - आशीष