July 12, 2011

पुकारे बादल को

पुकारे बादल को- कमला निखुर्पा

1
मन के मेघ
उमड़े है अपार
नेह बौछार।
2
छलक उठे
दोनों नैनों के ताल
मन बेहाल।
3
छूने किनारा
चली भाव- लहर
भीगा अन्तर
4
टूटा रे बाँध
कगार- बंध टूटे
निर्झर फूटे।
5
फूटे अंकुर
मन- मधुबन में
तू जीवन में।
6
खिली रे कली
चटख शोख रंग
महकी गली।
7
कटे जंगल
गँवार बेदखल
उगे महल।
8
ऊँचे महल
चरणों में पड़ी है
टूटी झोपड़ी।
9
रोई कुदाल
हल- बैल चिल्लाए
खेत गँवाए।
10
मन गुलाब
खिलता रहे यूं ही
कंटकों में भी
11
कस्तूरी- तन
दौड़े मन हिरन
जग- कानन।
12
आधुनिकता
बाहर घुला- मिला
घर में तनहा।
13
संदेश तेरा
अमृत की बूँद- सा
परदेस में।
14
मन का सीप
पुकारे बादल को
मोती बरसा।

लेखक के बारे में:
कविता, कहानी, लघुकथा, नाटक एवं संस्मरण का
विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और संकलनों में प्रकाशन।
संप्रति: हिन्दी -प्रवक्ता, केन्द्रीय विद्यालय वन अनुसंधान केन्द्र,
देहरादून (उत्तराखण्ड)
Email- kamlanikhurpa@gmail.com
मो. 09410978794

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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