May 25, 2010

आप कितना पानी पीते हैं?

एक औसत पुरुष को रोज करीब दो लीटर और महिला को 1800 मि.ली. तरल की जरूरत होती है। यदि मौसम गर्म हो या आप अधिक दौड़धूप कर रहे हैं ते इसकी ज्यादा खपत कर सकते हैं।
अब तक तो यही माना जाता रहा है कि त्वचा के निखार के लिए अधिक से अधिक पानी पीना आवश्यक होता है लेकिन एक ताजा अध्ययन में सामने आया है कि कि त्वचा के निखार का शरीर में पानी की मात्रा से संबंध नहीं है। ब्रिटिश न्यूट्रीशन फाउंडेशन ने हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि यह सब बेकार की बातें हंै।
'फूड फार द स्किन' नामक रिपोर्ट में कहा गया है कि पानी की खपत का त्वचा की नमी के साथ संबंध होने या ज्यादा पानी पीने से त्वचा में निखार आने का कोई वैज्ञानिक सुबूत नहीं है। इस बात का भी कोई सुबूत नहीं है कि इससे सरदर्द दूर होता है और भूख कम लगती है या कि पानी शरीर से जहर को बाहर निकाल फेंकता है।
पैंसिल्वैनिया यूनिवर्सिटी में मैडिसिन के प्रोफैसर स्टैनले गोल्डफार्ब ने कहा कि जहरीले पदार्थो को किडनियां बाहर निकालती हैं। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितना पानी पीते हैं। पिछले साल जापान में हुए एक अध्ययन में भी यह पता चला था कि जो महिलाएं वजन कम करने के लिए बहुत पानी पीती हैं वे सिर्फ अपना समय बर्बाद कर रही हैं! तात्पर्य ज्यादा पानी से न चेहरा निखरेगा और न ही मोटापा कम होगा।
एक औसत पुरुष को रोज करीब दो लीटर और महिला को 1800 मि.ली. तरल की जरूरत होती है। यदि मौसम गर्म हो या आप अधिक दौड़धूप कर रहे हैं ते इसकी ज्यादा खपत कर सकते हैं। ब्रिटिश डायटिक एसोसिएशन के प्रवक्ता सायन पोर्टर ने कहा आप जो भी खाते- पीते हैं इनमें बहुत सी चीजें आपकी रोजाना की जरूरत पूरी करते हैं। सूप जैसे गरम पेय, जूस, फल, सब्जियों, मीट और ची•ा में पानी की काफी मात्रा होती है। चाय और कॉफी भी पानी की कमी पूरी करते हैं। कई लोग सोचते हैं कि कैफीन से बार-बार पेशाब आता है और शरीर में पानी की कमी हो सकती है। लेकिन रिसर्च में पाया गया है कि कैफीन से पानी की कमी होने का कोई खतरा नहीं है।
अब यदि इन सब अध्ययनों की बात मानें तो पानी पीने को लेकर बहुत से लोगों की धारणाएं गलत साबित होंगी। क्योंकि अब तक के अनुभव और डॉक्टरी सलाह तो यही कहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा पानी पीओ और स्वस्थ और सुंदर रहो। अपने चेहरे की चमक को बनाए रखने या मोटापा कम करने के लिए जो महिलाएं ज्यादा पानी पीती हैं उन्हें इस अध्ययन से खुश होना चाहिए या दुख मनाना चाहिए यह हम उनपर ही छोड़ते हैं। परंतु यदि हम भारत की गर्मी संदर्भ में बात करें तो यहां इन दिनों जैसी गर्मी पड़ रही है और देश भर में 40- 45 डिग्री में जिस गति से पसीना शरीर से बाहर निकल रहा है ऐसे में यदि हम कम पानी पीने लगें या यह सोचें कि पानी पीना जरुरी नहीं है तो लू और डिहाइड्रेशन होते देर नहीं लगेगी। तो जरा सोच समझ कर....(उदंती फीचर्स)


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