August 20, 2009

कथा यूके सम्मान

ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स में आयोजित एक गरिमामय समारोह में हिन्दी के सुपरिचित कलाकार भगवानदास मोरवाल को  उनके नवीनतम उपन्यास 'रेत' (राजकमल प्रकाशन) को ब्रिटेन के सांसद और पूर्व आंतरिक सुरक्षा राज्य मंत्री टोनी मैक्नल्टी  ने 15 अंतर्राष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान प्रदान किया गया। ब्रिटेन के हिन्दी लेखकों के लिए स्थापित 'पद्यानंद सम्मान' ब्रिटिश हिन्दी कवि मोहन राणा को उनके ताजा कविता संग्रह 'धूप के अंधेरे में' (सूर्यासेत्र प्रकाशन) के लिए प्रदान किया। इस सम्मान का यह दसवां साल है।
टोनी मैक्नल्टी ने लंदन एवं ब्रिटेन के अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आए एशियाई लेखकों और ब्रिटिश साहित्य प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि- भाषा संगीत की तरह होती है। यदि आप किसी दूसरे की भाषा समझते है तो आप जिन्दगी की लय को समझ सकते हैं। दूसरों की भावनाओं को समझ सकते हैं। भाषा में आप सपने रच सकते हैं। इस तरह भाषा के माध्यम से आप मनुष्यता तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने हिन्दी में अपना भाषण शुरु करते हुए कहा कि भाषाओं के माध्यम से हम सभ्याताओं के बीच संवाद स्थापित कर सकते हैं। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि आपकी पहचान होती है। उन्होंने कहा कि कथा यूके पिछले कई वर्षों से ब्रिटेन में बसे एशियाई समुदाय के बीच भाषा और साहित्य के माध्यम से संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।
कथा यूके के महासचिव तेजेन्द्र शर्मा ने 15 वर्षों की कथा यात्रा को याद करते हुए कहा कि मुंबई से शुरु हो कर हम ब्रिटेन की संसद तक पहुंचे हैं। अब हम अपनी गतिविधियों को नया विस्तार देना चाहते हैं। कथा यूके आने वाले दिनों में विदेशों में और भारत में हिन्दी भाषा और साहित्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन करने जा रही है। इससे विश्व स्तर पर हो रहे निजि प्रयासों की नई नेटवर्किंग सामने आएगी।
कथा यूके के इस आयोजन में हिन्दी, उर्दू, पंजाबी, गुजराती एवं अंग्रेजी भाषा के लेखक बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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