July 12, 2011

रंग- बिरंगी दुनिया

यहां 20 लाख सालों से नहीं हुई है बारिश!
इतनी बर्फ के बावजूद अंटार्कटिका के वातावरण में नमी नहीं है। इसलिए यहां बारिश नहीं होती है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यहां पिछले 20 लाख सालों से वर्षा नहीं हुई है। वैसे तो अंटार्कटिका इलाके में 1912 में इंसान के कदम पड़ गए थे लेकिन औपचारिक खोज और रिकॉर्ड दर्ज करने की शुरूआत 1950 के दशक से हुई। मीलों तक फैले बर्फ वाले इस इलाके में तापमान- 89 डिग्री तक गिर जाता है।
किसी रेगिस्तान की तरह यहां भी सैकड़ों मील में फैले समतल स्थान होते हैं। इसलिए यहां भी दूर की सतह करीब नजर आती है।
110 साल से जल रहा है यह बल्ब!
उत्तरी कैलिफोर्निया शहर में बिजली का एक बल्ब पिछले 110 वर्षों से लगातार जल रहा है। इसकी इसी खासियत की वजह से इसे सबसे पुराना जलता हुआ बल्ब होने का खिताब मिला है और गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में जगह मिली है।
1901 से 60 वाट का यह बल्ब उत्तरी कैलिफोर्निया में लिवरमूरे के फायर स्टेशन पर लगा हुआ है। तब से लेकर यह लगातार जल रहा है, बीच-बीच में जरूर यह बंद रहा है। जैसे 1903 में कुछ समय के लिए, 1937 में एक हफ्ते के लिए और 1976 में भी यह कुछ दिनों नहीं जलाया जा सका था।
शहर की रोशनी की व्यवस्था करने वाली कमेटी के चेयरमैन लिन आवेन्स का कहना है कि वैज्ञानिक भी इसकी इतनी लंबी उम्र के बारे में कुछ जवाब देने की स्थिति में नहीं है। ऐसा संभव कैसे हो रहा है, यह सबके लिए आश्चर्य ही है।

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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