February 23, 2018

सम्मान

गिरीश पंकज को मिला 'व्यंग्यश्री
व्यंग्य- विनोद के शीर्षस्थ रचनाकार, वाचिक परम्परा के उन्नायक और हिन्दी भवन के संस्थापक पंडित गोपालप्रसाद व्यास के जन्मदिवस पर कल 13 फरवरी को हिन्दी भवन के सभागार में सुपरिचित व्यंग्यकार गिरीश पंकज (रायपुर) को बाईसवाँ  'व्यंग्यश्रीसम्मान से विभूषित किया गया।  सम्मान स्वरूप उन्हें एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रूपये की राशि, वाग्देवी की प्रतिमा, प्रशस्ति पत्र, रजतश्रीफल तथा शॉल आदि भेंट किए गए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार गोपाल चतुर्वेदी और  विशेष अतिथि के रुप में शेरजंग गर्ग, प्रेम जनमेजय, हरीश नवल मंचासीन थे। हिदी भवन के अध्यक्ष त्रिलोकी नाथ चतुर्वेदी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। हिन्दी भवन के सचिव प्रख्यात कवि डॉ. गोविंद व्यास भी उपस्थित थे। इस अवसर पर गिरीश पंकज ने व्यंग्यश्री के चयन के लिए हिन्दी भवन का आभार माना।
उन्होंने  महान व्यंग्यकार गोपाल प्रसाद व्यास जी के व्यंग्य विनोद सम्बन्धी अवदान याद करने के बाद व्यंग्य के सम्बन्ध में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा व्यंग्यकार को पहले बेहतर मनुष्य होने की कोशिश करनी चाहिए। श्री पंकज ने आपनी कुछ व्यंग्य रचनाएँ भी सुनाई जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया। समस्त उपस्थित वक्ताओं ने गिरीश पंकज के योगदान को रेखांकित किया और अपनी एक
-एक प्रतिनिधि रचना का पाठ भी किया। कार्यक्रम का सफल संचालन व्यंग्यकार आलोक पुराणिक ने किया। समारोह में दिल्ली एनसीआर के अनेक लेखक और साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।
गिरीश पंकज विगत चालीस वर्षो से व्यंग्य लिख रहे है।  उनके सोलह व्यंग्य संग्रह, सात व्यंग्य समेत बासठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है। पंद्रह छात्रों ने इनके व्यंग्य साहित्य पर शोध कार्य भी किया है।  आपके व्यंग्य देश की महत्त्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशित होते रहे है।  यह सिलसिला आज भी जारी है। 
 व्यंग्य  साहित्य में योगदान के लिए  गिरीश पंकज को अनेक सम्मान  प्राप्त हो चुके है, जिनमें  मिठलबरा की आत्मकथा (उपन्यास) के लिए रत्न भारती सम्मान, भोपाल, लॉफ्टर  क्लब इंटरनेशन, मुंबई द्वारा स्वर्ण पदक सम्मान, अट्टहास न्यूज लेटर, रायपुर के सम्पादन के लिए, माफिया (उपन्यास) के लिए लीलारानी स्मृति सम्मान (पंजाब), अट्टहास युवा सम्मान, लखनऊश्रीलाल शुक्ल (परिकल्पना) व्यंग्य सम्मान, लखनऊ, विदूषक सम्मान, जमशेदपुर, समग्र व्यंग्य लेखन के लिए रामदास तिवारी सृजन सम्मान- राँची, व्यंग्य उपन्यास लेखन के लिए गहमर में प्रदत्त सम्मान प्रमुख हैं।
  गिरीश पंकज साहित्य और पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।  अनेक देशों का  प्रवास कर चुके गिरीश पंकज कुछ महत्त्वपूर्ण दैनिको में चीफ रिपोर्टर और सम्पादक रहने के बाद इन दिनों  'सद्भावना दर्पणनामक त्रैमासिक अनुवाद पत्रिका का सम्पादन-प्रकाशन कर रहे है।  रायपुर के दैनिक में  प्रतिदिन व्यंग्य लिख रहे हैं।

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