November 19, 2017

लघुकथाः

 सोच 
-डॉ.पूर्णिमा राय
जैसे ही शीतल  बस से उतरी ,एक रिक्शावाला उसके साथ-साथ चल पड़ा।मैडम जी ,कहाँ जाना आपको ?मैं लिये चलता हूँ ।घृणित दृष्टि से शीतल ने उस युवा रिक्शेवाले को देखते कहा,"मैं तुमसे रोज कहती हूँ ,मुझे नहीं बैठना तुम्हारे रिक्शा के ऊपर,फिर भी तुम रोज सिर खाने चले आते हो ?क्यों वक्त बर्बाद करते हो?"मैं तुम जैसे लफंगों को अच्छी तरह पहचानती हूँ।"
"ऐसा नहीं है मैडम !!
"मैडम,आप एक अच्छे घर की लड़की हैं।जमाना खराब है।युवा रिक्शेवाला बोला!"
"हुँह् ,बड़ा आया मुझे समझाने वाला!!"
तेज रफ्तार से चलती शीतल ने शीघ्रता से सड़क पार खड़े दूसरे रिक्शा को आवाज़ देते हुए कहा,
"ओ रिक्शा वाले,माल रोड,चलो जल्दी!मैं कॉलेज के लिए लेट हो रही हूँ ।"
अधेड़ावस्था के रिक्शेवाले ने अपनी मूँछों को ताव दिया,गले में पहना गमछा सँवारा।शीतल का दुपट्टा पकड़ते हुये बोला,"इतनी जल्दी क्या है मेरी जान।"
घबराई हुई शीतल कभी उस युवा रिक्शेवाले को देख रही थी और कभी अधेड़ अवस्था के रिक्शेवाले को!! 
 सम्पर्कः अमृतसर (पंजाब), मो.-7087775713, 

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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