July 18, 2013

दोहे

वक्त के नाम
- हरेराम समीप

चलो एक चिट्ठी लिखें, आज वक्त के नाम
पूछें दु:ख का सिलसिला, होगा कहाँ तमाम

शायद अपने वक्त के, नहीं इरादे नेक
नदी सुखाने वास्ते, हुए किनारे एक

पृष्ठ -पृष्ठ पर सनसनी, मार- काट , व्यभिचार
आँखें घायल कर गया, रोज़ सुबह अखबार

कौन पढ़े अब चार हो, दो से दो का जोड़
साँठ-गाँठ से जब बनें, दो के बीस करोड़

कैसे पूरी हो सके, नए समय की साध
जब है अपनी सोच में, प्रेम एक अपराध

अजब सियासत देश की, गजब आज का दौर
ताला कोई और है, चाबी कोई और

आया तानाशाह का, आज सख्त आदेश
अनशन पर हो जाएगा, स्यूसाइड का केस

अनशन, धरना, रैलियाँ, मारपीट, हड़ताल
आम आदमी देश का, है गुस्से से लाल

अंधा नृप, गूँगी प्रजा, बहरे थे सामन्त
चलो बताओ शीर्षक, और कथा का अन्त

व्यापारी अब कर रहे, राजनीति से मेल
हरे पेड़ पर ही चढ़े, अमरबेल की बेल

होना था उनको अलग, कब तक रहते तिक्त
इस पुल के सीमेंट में, मिट्टी थी अतिरिक्त

संपर्क: 395 सेक्टर 8 फरीदाबाद  121006, मो. 9871691313

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लेखकों से अनुरोध...

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माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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