October 14, 2019

प्रेरक

मेरा जीवन ही मेरा संदेश है
- मो. दा. करमचंद गाँधी
महात्मा गाँधी का जन्म आज से 150 साल पहले 2 अक्टूबर1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। गाँधी जयंती को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के तौर पर मनाया जाता है। गाँधीजी ने कहा था, "मेरा जीवन ही मेरा संदेश है।" यहाँ गाँधी जी अपने  जीवन से जुड़ी 5 बातें बता रहे हैं, जिन्हें आप अपने जीवन में अपना कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
खुद पर रखें भरोसा
खुद पर विश्वास करें।  इससे आप अपने हर लक्ष्य का हासिल कर सकते हैं। कभी खुद पर संदेह नहीं करें। अगर आपको पहले ही यह लगेगा कि मैं यह काम नहीं कर पाऊँगा तो इससे आपका आत्मविश्वास कम हो जाएगा। इसके उलट अगर आपको विश्वास होगा कि आप यह काम कर लेंगे तो आप जरूर उसे पूरा कर पाएँगे।
बाधाओं से हार नहीं मानें
"पहले वे आपकी उपेक्षा करेंगे। उसके बाद वे आप पर हँसेंगे और फिर वे आपसे लड़ेंगे और अंतत: आपकी जीत होगी।" भारत जैसे विशाल देश की आजादी की लड़ाई आसान काम नहीं है और वह भी अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए।
क्षमा करना सीखें
"कमजोर लोग कभी क्षमा नहीं करते, क्षमा करना या भूलना मजबूत लोगों की विशेषता है। " महात्मा गाँधी को जेल में डाला गया, सड़कों पर पीटा गया, कई लोगों ने उन्हें मारने की साजिश रची। लेकिन उन्होंने सभी को माफ कर दिया।
गलतियों से सबक लें
"अपनी गलतियों से सबक लेना बिल्कुल झाड़ू की तरह है, जिससे सफाई के बाद कमरे की गंदगी एकदम साफ हो जाती है और कमरा चमकने लगता है। मैं अपनी त्रुटियों को स्वीकार करके अपने आप को मजबूत बनाता हूँ ।"
चरित्र की मजबूती

"दुनिया में सात तरह के पाप हैं: बिना काम के धन, विवेक के बिना खुशी, चरित्र के बिना ज्ञान, नैतिकता के बिना धन, मानवता के बिना विज्ञान, बलिदान के बिना पूजा और सिद्धांत के बिना राजनीति।" अपने चरित्र को मजबूत बनाने के साथ ही इन अवगुणों से बचना चाहिए।

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