August 18, 2018

कविता

१. श्रद्धांजलि
- शबनम शर्मा
आज मेरा दिल उन वीरों को
श्रद्धांजलि देने के लिए,
अपने आप ही नतमस्तक है,
जिन्होंने अपने प्राणों की
बाज़ी लगाने में तनिक भी
संकोच नहीं किया,
पलटकर सूनी माँग,
सूनी कलाइयों को नहीं देखा,
सुबकते बच्चों, नम आँखों
को नहीं देखा,
माँ की ममता को, गले तले
उतार कर, बाप की लाठी को
उसके हाथों में ही थमाकर,
चल दिए भारत माँ की
रक्षा के लिए,
आज भारत माँ ही नहीं, समूचा
देश तुम्हारा, तुम्हारी जननी का ऋणी है
तुम्हें झुक-झुककर असंख्य
बार प्रणाम करता है,
करता रहेगा।
तुम धन्य हो, वीर हो,
अमर हो, रहती दुनिया तक
तुम्हारी वीरता का ये
चर्चा चलता रहेगा।

२. शहीद की माँ

इक बुढ़िया आँसुओं से
आँगन लीप रही थी,
आसमान रो रहा था
धरती काँप रही थी।
बेजान लाश बनी वह
खुद को ढो रही थी,
न जाने धरती में वह
किसको ढूँढ रही थी।
आहट पर मेरी उसने
दो नयन जो उठाये
उन कश्तियों में मानों
पूरी दुनिया डूब रही थी।
इन सरहदों ने उसका
सब कुछ निचोड़ लिया था,
बुत-सी बनी वह
किसकी बाट जोह रही थी।
एक माँ की लाज खातिर
दूजी माँ व्याकुल हो रही थी,
न जाने कितने लहुलुहान चेहरे
वो इन आँसुओं में
धो रही थी।
सम्पर्कः  अनमोल कुंज, पुलिस चैकी के पीछे, मेन बाजार, माजरा, तहसील पाँवटा साहिब, जिला सिरमौर, हि .प्र.  मो.०९८१६८३८९०९ ०९६३८५६९२३, E-mail- shabnamsharma2006@yahoo.co.in

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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