August 25, 2011

पाती

एक खत गाँधी जी के नाम
- निलेश माथुर
पूज्य बापू ,
सादर प्रणाम, आशा ही नहीं हमें पूर्ण विश्वास है कि आप कुशलता से होंगे। हम सब भी यहाँ मजे में हैं। देश और समाज की स्थिति से आपको अवगत करवाने के लिए मैंने यह खत लिखना अपना कत्र्तव्य समझा। कुछ बातों के लिए हम आपसे माफी चाहते हैं जैसे कि आपके बताए सत्य और अहिंसा के सिद्धांत में हमने कुछ परिवर्तन कर दिए हैं- इसे हमने बदल कर असत्य और हिंसा कर दिया है। इसमें हमारे गाँधीवादी राजनीतिज्ञों का बहुत बड़ा योगदान रहा है, वे हमें समय- समय पर दिशाबोध कराते रहते हैं और हमारा मार्गदर्शन करते रहते हैं। इन्हीं के मार्गदर्शन में हम असत्य और हिंसा के मार्ग पर निरंतर अग्रसर हैं, बाकी सब ठीक है।
आपने हमें जो आजादी दिलवाई उसका हम भरपूर फायदा उठा रहे हैं। भ्रष्टाचार अपने चरम पर है, बाकी सब ठीक है।
हर सरकारी विभाग में आपकी तस्वीर दीवारों पर टँगवा दी गयी है और नोटों पर भी आपकी तस्वीर छपवा दी गयी है। इन्हीं नोटों का लेना- देना हम घूस के रूप में धड़ल्ले से कर रहे हैं, बाकी सब ठीक है।
स्वराज्य मिलने के बाद भी भूखे नंगे आपको हर तरफ नजर आएँगे, उनके लिए हम और हमारी सरकार कुछ भी नहीं कर रहे हैं, हमारी सरकार गरीबी मिटाने की जगह गरीबों को ही मिटाने की योजना बना रही है, बाकी सब ठीक है।
बापू हमें अफसोस है की खादी को हम आज तक नहीं अपना सके हैं, हम आज भी विदेशी वस्त्रों और विदेशी वस्तुओं को ही प्राथमिकता देते हैं, बाकी सब ठीक है।
अस्पृश्यता आज भी उसी तरह कायम है। जिन दलितों का आप उत्थान करना चाहते थे, उनकी आज भी कमोबेश वही स्थिति है, बाकी सब ठीक है।
बापू आजकल हम सत्याग्रह नहीं करते, हमने विरोध जताने के नए तरीके इजाद किये हैं। आज कल हम विरोध स्वरुप बंद का आयोजन करते हैं और उग्र प्रदर्शन करते हैं, जिसमें कि तोडफ़ोड़ और आगजनी की जाती है, बाकी सब ठीक है।
जिस पाकिस्तान की भलाई के लिए आपने अनशन किये थे, वही पाकिस्तान आज हमें आँख दिखाता है, आधा कश्मीर तो उसने पहले ही हड़प लिया था, अब उसे पूरा कश्मीर चाहिए। आतंकियों की वो भरपूर मदद कर रहा है। हमारे देश में वो आतंक का नंगा नाच कर रहा है। आये दिन बम के धमाके हो रहे हैं और हजारों बेगुनाह फिजूल में अपनी जान गँवा रहे हैं, बाकी सब ठीक है।
बांग्लादेश के साथ भी हम पूरी उदारता से पेश आ रहे हैं, वहां के नागरिकों को हमने अपने देश में आने और रहने की पूरी आजादी दे रखी है, करोड़ों की संख्या में वे लोग यहाँ आकर मजे में रह रहे हैं, और हमारे ही लोग उनकी वजह से भूखे मर रहे हैं, बाकी सब ठीक है।
बापू हम साम्प्रदायिक भाईचारा आज तक भी कायम नहीं कर पाए हैं। धर्म के नाम पर हम आये दिन खून बहाते हैं। आज हमारे देश में धर्म के नाम पर वोटों की राजनीति खूब चल रही है। साम्प्रदायिक हिंसा आज तक जारी है। बाकी सब ठीक है।
बापू आज आप साक्षात यहाँ होते तो आपको खून के आँसू रोना पड़ता, बापू आपने नाहक ही इतना कष्ट सहा और हमें आजादी दिलवाई, हो सके तो हमें माफ करना।
आपका अपना
एक गैर जिम्मेदार भारतीय नागरिक

संपर्क: देवमती भवन, ए.के. आजाद रोड रेहाबारी, गुवाहाटी,
मो. 9706038144, 9864038144
mathurnilesh.blogspot.com

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