Friday, June 12, 2009

रंग बिरंगी दुनिया

तिनके नहीं मिलेंगे तब
बाल ही काम आएंगे

चिडिय़ा अपना घोंसला बनाने के लिए तिनकों का सहारा लेती है, लेकिन जिस रफ्तार से हम अपनी प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं एक दिन ऐसा न हो कि चिडिय़ों को तिनके का सहारा भी न मिलें। तब हो सकता है   उन्हें  दूसरी वस्तुओं से उन्हें अपना आशियाना सजाना पड़े। बिल्कुल उसी तरह जिस तरह इन चिडिय़ों ने जोएन के सफेद बालों से अपना घोंसला बनाया। 
जाब्रियान विलियम्स ने जब बाल कटाए तो इसका फायदा उनके अलावा उन चिडिय़ों को भी हुआ जिन्हें इसकी बदौलत आशियाना मिल गया। ब्रियान के बाल हर महीने उनकी पत्नी जोएन काटती थी।
  जोएन कटे बालों को एक कागज में इकट्ठा कर बगीचे में डाल आती। वहीं अपना घोंसला बना रही कुछ चिडिय़ा तिनके की जगह इन बालों को इस्तेमाल करतीं। 68 वर्षीय सेवानिवृत शिक्षक विलियम्स ने बताया कि एक दिन में मैंने देखा कि गोल्डफिंच, ग्रीनफिंच और राबिन चिडिय़ों ने मेरे सफेद बालों का एकत्रित कर घोंसला बना लिया है तो हैरान रह गया। मेरे बालों का इतना अच्छा इस्तेमाल देखकर मुझे बड़ी खुशी मिली।
बार्नस्टेपल के रहने वाले इस दंपति ने बताया कि सबसे पहले हमने राबिन का घोंसला देखा। लेकिन बाद में पाया कि गोल्डफिंच और ग्रीनफिंच ने भी बालों से अपने घोंसले बना लिए हैं। जोएन ने बताया कि बालों को फेंकते समय मैंने बिल्कुल नहीं सोचा था कि इनका इतना अच्छा इस्तेमाल भी हो सकता है।
उम्र को भूल जाइए...
जैसे- जैसे हमारी उम्र बढऩे लगती है हमारा शरीर भी थकने लगता है। इसके साथ ही कई शारीरिक समस्याएं शुरु हो जाती हैं। लेकिन दक्षिण-पूर्व आस्ट्रेलिया की 83 वर्षीय योग प्रशिक्षक बेट्टी काल्मैन ने तो जैसे उम्र को मात दे दी है। इस उम्र में वह जहां चुस्त दुरुस्थ बनी हुई है वहीं आज भी वह कठिन से कठिन योगासनों को सहजता से कर लेती हैं। उनके चेहरे पर योग की चमक व फिटनेस साफ नजर आती है।
अपनी जिंदगी योग को समर्पित कर चुकी बेट्टी पिछले 40 सालों से लोगों को योग सिखा रही हैं। उनका कहना है योग आपको रबर की तरह लचीला बनाए रखता है। कमलासन हो, शीर्षासन या कठिन योगमुद्रा, बेट्टी के लिए यह सब इतना सहज है जैसे किसी के लिए पैदल चलना। बेट्टी का कहना है कि 50 साल पहले मैं जितना योग कर सकती थी आज उससे ज्यादा कर सकती हूं। यह कभी आपको बूढ़ा नहीं होने देता। उनका कहना है कि आपका शरीर एक अद्भुत उपकरण है। आप इसे जितना चाहे खींच सकते हैं। हर बार आपको बेहतर परिणाम ही मिलेगा।
काल्मैन योग पर तीन किताबें भी लिख चुकी हैं। इन दिनों वह सप्ताह में 11 क्लास लेती हैं। मुस्कुराते हुए वह इतना जरूर कहती हैं कि योग कर रहे हैं तो उम्र को भूल जाइए।

0 Comments:

संपादकीय पता- उदंती.com, माटीज गैलरी, जीवन बीमा मार्ग, रायपुर (छ. ग.) 492 004 , फोन नं. 0771- 4064230 , email : udanti.com@gmail.com. सदस्यता शुल्क- वार्षिक- 500 रुपए (डाक खर्च 60 रुपए) शुल्क चैक /ड्राफ्ट के माध्यम से उदंती.com के नाम से भेजें। रायपुर से बाहर के चैक में 30 रुपए अतिरिक्त जोड़े। शुल्क भेजने का पता- उदंती.com, माटीज गैलरी, जीवन बीमा मार्ग, रायपुर (छ. ग.) 492 004. सर्वाधिकार सुरक्षित- प्रकाशित सामग्री के उपयोग के लिए लेखक, प्रकाशक की अनुमति आवश्यक है। प्रकाशित रचनाओं के विचारों से उदंती.com का सहमत होना आवश्यक नहीं है। उदंती.com से संबधित किसी भी विवाद का न्याय क्षेत्र रायपुर रहेगा। स्वामी/प्रकाशक/मुद्रक/संपादक डॉ. रत्ना वर्मा द्वारा, उदंती प्रकाशन, पंडरी, रायपुर छत्तीसगढ़ से मुद्रित एवं प्रकाशित। मूल्य: 50रूपए. व्यापारिक प्रतिनिधि- रश्मि वर्मा कार्यालय प्रतिनिधि- सुजाता साहा ************************************************************************** इनके जीवन को भी रोशन करें माटी समाज सेवी संस्था पिछले आठ वर्षों से समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम कर रही है। पिछले दिनों संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का कार्य कर रही है। पिछले दो वर्ष से संस्था ने बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास आरंभ किया है। बस्तर कोंडागांव में साथी समाज सेवी संस्था द्वारा संचालित स्कूल साथी राऊंड टेबल गुरुकुल में ऐसे बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता- पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ- साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है, जिसमें बच्चो के यूनिफार्म के साथ कॉपी, किताबें भी शामिल हंै। माटी समाज सेवी संस्था ने इस स्कूल के 10 बच्चों को गोद लेकर पिछले दो वर्ष से उनकी शिक्षा हेतु धन एकत्रित करने का जिम्मा उठाया है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग तीन हजार रुपए खर्च होते हैं। शिक्षा के प्रति चिंतित जागरुक नागरिकों ने गत वर्ष से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से किसी ने एक बच्चे को गोद लिया है तो किसी ने दो बच्चो की शिक्षा का जिम्मा उठाया है। इसी महती कार्य में सहयोग देने वालों में- श्रीमती निरेन्द्री वर्मा, पलारी रायपुर, सुमन शिवकुमार परगनिहा- रायपुर, अरुणा नरेन्द्र तिवारी- रायपुर, प्रियंका गगन सयाल- लंदन, डॉ. प्रतिमा अशोक चंद्राकर-रायपुर, कुमुदिनी तरुण खिचरिया- दुर्ग, तथा प्रताप सिंह राठौर-अहमदाबाद शामिल हैं। इस अभिनव प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका स्वागत है। आपके सहयोग से एक बच्चा जिसके लिए शिक्षा कोसो दूर है, शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार बनेगा। तो क्यों न इनके जीवन में भी रोशनी फैलाने, सब मिलकर दीप से दीप जलाएं। संपर्क के लिए पता- माटी समाज सेवी संस्था पंडरी, रायपुर (छ. ग.) 492 004, फोन नं. 0771- 2428172 Email- drvermar@gmail.com

उदंती.com तकनीकि सहयोग - संजीव तिवारी

टैम्‍पलैट - आशीष