May 14, 2020

गाइड

 गाइड
- डॉ.कविता भट्ट 
भोजनावाकाश  में भी ‘नारी स्वतन्त्रता और सम्मान’ विषय पर कुछ चर्चा चल रही थी । प्रो. शेखर कुमार कुछ बोले जा रहे थे । डायनिंग टेबल पर उनके ठीक सामने बैठी सुन्दर गौरवर्णा शालिनी ने साड़ी का पल्लू कसते हुए, उसकी ओर आग्नेय दृष्टि से घूरकर देखा। शेखर कुमार हड़बड़ा गया ।
शालिनी गुस्से में तिलमिलाती एकदम खड़ी हो गई और पास ही में बैठी अपनी सहेली निशा से बोली, ‘चल यार !’
क्या हुआ’-निशा ने आश्चर्य से पूछा
उठो भी’-शालिनी ने उसको उठाते हुए कहा और आगे बढ़ गई । निशा हड़बड़ाकर उठी और उसके पीछे चल पड़ी।
शालिनी ,तुम्हें क्या हुआ अचानक !’ निशा ने फुसफुसाकर पूछा।
मैं तो इस प्रोफेसर से कुछ पूछना चाहती थी, लेकिन यह तो बहुत कमीना  निकला।’
निशा बोली, ‘अरे यार अचानक तुझे क्या हुआ? बता तो सही, कुछ किया क्या उसने?
शालिनी बोली, ‘देख यार, मेरा रिसर्च में दूसरा साल है, मैंने सोचा- यह प्रोफेसर मंच से महिला स्वतंत्रता एवं सशक्तीकरण पर बड़ा अच्छा लेक्चर दे रहा था, तो इससे रिसर्च के कुछ कॉन्सेप्ट क्लियर करूँ।’
निशा बोली, ‘तो इसमें क्या बुराई है, बात कर लेती तू।’
शालिनी बोली, ’अरे क्या बताऊँ, तूने नहीं देखा क्या? पहले तो वह अच्छे से बात करता रहा, लेकिन थोड़ी देर बाद ही वह मुझे कहाँ- कहाँ और किस तरह देख रहा था, यह मुझसे ज़्यादा कौन जान सकता है। फिर मेरी ओर अर्थपूर्ण ढंग से देखते हुए उसने यही तो कहा था-आप तो बहुत ही स्मार्ट हो, आपकी रिसर्च तो चुटकियों में पूरी हो जाएगी, बेहया कहीं का !!
निशा बोली, ‘चल यार, मैंने भी कई बार ऐसे प्रोफेसरों को झेला है , जो बहुत बड़ी -बड़ी बात करते हैं मंच से, शास्त्रों के उदाहरण देते हैं । ये और कुछ नहीं वास्तव में भेड़िए हैं। न चाहते हुए भी सिस्टम में ऐसे ही लोगों की गाइडेंस में रिसर्च करनी पड़ती है।’
दुनिया में अच्छे लोगों की कमी नहीं है, इन जैसों को सबक़ हम ही सिखाएँगे।’ अपने कमरे में जाने से पहले शालिनी ने पीछे मुड़कर देखा, शेखर कुमार के चेहरे पर हवाइयाँ  उड़ रही थीं ।
FDC, PMMMNMTT,II floor , Administrative Block ll ,H.N.B. Garhwal Central University Srinagar , Garhwal Uttarakhand 246174

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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