December 13, 2008

"मिशेल" बराक ओबामा की जिंदगी का प्यार

"मिशेल" बराक ओबामा की जिंदगी का प्यार
-इलेन क्लिफ्ट

मिशेल न केवल अपने पति के सुख-दुख में उनका साथ पूरी तरह निभाती हैं, बल्कि कार्यरत होने के बावजूद बच्चों की जरूरतों का पूरा ख्याल रखती हैं। पेशे से वह वकील हैं, लिहाजा उनके पास तर्को की कोई कमी नहीं है। वह पूरी तरह हाजिर जवाब हैं।

आखिर बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति बन ही गए, लेकिन असी जीत मिशेल  के साथ-साथ पूरे अमेरिका की हुई है। पहे जहां महिलाएं बैक फुट पर रहकर या परदे के पीछे से अपने पार्टनर की मदद करती थी मिशेल ने फ्रंट फुट पर आकर यह काम बड़ी खूबसूरती से किया। मजेदार बात यह है कि बराक के कैंपेन में जोशीले अंदाज में भाग लेने के    लिए उन्होंने एक मीठी सी शर्त रखी थी कि अगर बराक सिगरेट पीना छोड़ देगे तो वह न सिर्फ उनके कैंपेन में ही भाग लेगी, बल्कि उन्हें राष्ट्रपति बनवाकर ही दम लेंगी। वैसे, मिशेल ओबामा को उनके अजीज तरह-तरह के नामों से जानते हैं। ग्लैमर वाइफ, मम इन चीफ, नेक्सट जैकी कैनडी जैसे नाम मिशे के शुभचिंतकों ने ही उन्हें दिए हंै। वह न केव अपने पति के सुख-दुख में उनका साथ पूरी तरह निभाती हैं, बल्कि कार्यरत होने के बावजूद बच्चों की जरूरतों का पूरा ख्या रखती हैं। पेशे से वह वकील हैं, लिहाजा उनके पास तर्को की कोई कमी नहीं है। वह पूरी तरह हाजिर जवाब हैं। उनकी इसी खासियत ने उन्हें प्रभावशाली तरीके से अपनी पति का चुनाव प्रचार संभाने में मदद की। मिशे की मेहनत तब रंग लाई, जब 4 नवंबर को ओबामा ने अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में वाइट हाउस पर दस्तक दी।

बराक मिशेल  की तारीफ करते नहीं थकते। वह कहते हैं, 'मिशेल मेरे परिवार की वह कड़ी हैं, जिससे सभी परिवार के सदस्य भावनात्मक रूप से जुड़े हैं। वह मेरी जिंदगी का प्यार है।Ó मिशेल  फायर ब्रैंड लेडी होने के साथ-साथ स्टाइ आइकन भी है। उन्होंने ओबामा के राष्ट्रपति बनने के दिन मशहूर डिजाइनर नारकिसो रोड्रिग्स की डिजाइन की हुई ड्रेस पहनी थी।

मिशे की परवरिश दक्षिणी शिकागो में हुई। उनके पिता वॉटर पंट में कर्मचारी थे और उनकी मां एक स्कू में सेक्रेटरी थीं। उन्होंने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड लॉ स्कूल से ग्रेजुएशन किया।

फस्र्ट डेट पर बराक और मिशे स्पाइक ली की फिल्म 'डू द राइट थिंग देखने गए थेÓ। इसके बाद उन्होंने अक्टूबर 1992 में शादी कर ली। उनकी दो बेटियां हैं, मालिया और शाशा।

मिशे छात्रों की पॉलिटक्स में काफी चुस्त थीं। खासतौर पर नस्भेद को लेकर उनके विचार काफी क्रांतिकारी हैं। वह अपने दि में कोई बात छिपा कर नहीं रखती। जो सच्चाई होती है, वह सबके सामने बता देती हैं। उनकी बातों में मजाक और व्यंग्य की तल्खी भी महसूस की जा सकती है। कुछ लोग उन्हें 'एंग्री यंग 'लेडी' तक कहते हैं। जब बराक को पही बार इनिलोस से सीनेटर चुना गया, तो उनका कहना था, 'मुझे पता है कि बराक एक न एक दिन कुछ ऐसा जरूर करेंगे, जिससे सारे देश की निगाहें उन पर टिक जाएंगी।'

अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव में ओबामा के रणनीतिकार डेविड एक्सरॉड कहते हैं, 'मिशे मिनसार और ईमानदार हैं। जो उनके दि में होता हैं, वही जबान पर होता है। उनको इस बात की कोई परवाह नहीं होती कि उनकी बातों का दूसरा व्यक्ति पॉलिटक एंगल से क्या मतलब निकोलगा।'
अपने बोने के आक्रामक अंदाज से वह कई बार मुश्कि में फंस चुकी हैं। हा ही में ओबामा की चुनावी सभा में उनके मुंह से निक गया था, 'आज जिंदगी में पही बार मुझे अपने देश पर गर्व हो रहा है।' इस पर आलोचकों ने तुरंत उनकी देशभक्ति पर सवा उठा डों। लेकिन उनका परिवार दोस्त, रिश्तेदार या परिचित, जो भी उन्हें करीब से जानता है, उनका कहना है, 'मिशे सेल्फ मेड वुमन है और काफी बहादुर हैं।Ó'


पिछे सा 'ग्लैमर' मैंगजीन की लखिका और फिल्म निर्माता स्पाइक ली की पत्नी टॉन्या लुईस ली ने कहा था, 'मिशेल  को 1 बार देखने, के बाद मैं काफी डर गई थी। पर जब उनसे मुलाकात हुई तो उन्होंने न केव गर्मजोशी से हाथ मिलाया, बल्कि मियिन डॉर की मुस्कराहट भी मेरी ओर फें की। इतना हीं नहीं, उन्होंने मुझे गले  से लगाया मुझे लगा कि मैं उन्हें बरसों से जानती हूं।Ó एक दूसरे इंटरव्यू में मिशेल  ने कहा था, 'जीवन में हर समय फूलों की सेज नहीं मिलती। कभी-कभी कांटों के बिस्तर पर भी सोना पड़ता है। ईश्वर की कृपा से, अब तक जिंदगी में वह मुश्कि दौर नहीं आया। रोज सुबह उठकर मैं सिर्फ यही सोचती थी कि किस तरह यह चमत्कार ; ओबामा का राष्ट्रपति बनना मुमकिन होगा।Ó

लेकिन गता है कि वह सब मिशे की जिंदगी की कशमकश ही थी। राष्ट्रपति पद के लिए ओबामा की उम्मीदवारी का फैसा होते ही मिशे ने खुद को पूरी तरह चुनाव प्रचार अभियान में झोंक दिया। अब महत्वपूर्ण युद्घ तो ओबामा जीत ही चुके हैं। अब उन्हें राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाना होगा, लेकिन मिशे साथ हों, तो क्या चिंता। 20 जनवरी 2009 को मिशेल  अमेरिका की फस्र्ट लेडी बनेंगी। इसमें कोई शक नहीं कि अमेरिका के ऐतिहासिक चुनाव प्रचार की तरह मिशेल  प्रशासन में ओबामा की योग्य साहकार बनेंगी, भे ही अनौपचारिक रुप से ही सही!
(विमेन्स फीचर सर्विस)

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