December 14, 2013

शोध

सोशल नेटवर्किंग पर
समय बिताने का झटका

अगर आप फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट पर बहुत ज़्यादा समय बिताते हैं तो तब आपको बहुत बुरा लग सकता है जब आपको बिजली का झटका लगेगा। पॉवलोव पॉक इसमें आपकी मदद कर सकते हैं।
यह सिस्टम एक मज़ाक के तौर पर डिज़ाइन किया गया था, लेकिन यह बहुत ही गंभीर संदेश भी है कि हम बहुत ज़्यादा समय इंटरनेट पर बिताते हैं और यदि आप एक ही वेबसाइट या एप्लिकेशन पर बहुत ज़्यादा समय तक रहते हैं ,तब यह सिस्टम आपको की-बोर्ड की मदद से छोटा-सा इलेक्ट्रिक शॉक दे सकता है। यह झटका नुकसानदेह नहीं है ;लेकिन आपको चेताने के लिए काफी है।
कुछ शोधकर्ताओं का दावा है कि सोशल मीडिया साइट की लत सिगरेट और एल्कोहल की तरह ही है। फेसबुक व अन्य बिजनेस मॉडल्स की डिज़ाइन ही इस तरह बनाई गई है कि आपको इनकी लत लग जाती है।
मैसाच्यूसेट इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी के पीएच.डी. छात्र रॉबर्ट मॉरिस और डेन मैकडफ कहते हैं कि इन सोशल मीडिया साइट्स पर बहुत ज़्यादा समय बरबाद होता है और समय रहते शॉक देने का सिस्टम हमारे लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।

यह सेटअप सॉफ्टवेयर की मदद से निगरानी करता है कि कौन-सा एप्लीकेशन चल रहा है। एक ही एप्लीकेशन पर टिके रहने पर यह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइज़ को संकेत भेजता है और की-बोर्ड के मेटल पैड पर करंट आ जाता है। यदि व्यक्ति के हाथ उस पैड पर आराम फरमा रहे हैं, तो उसे एक झटका लगता है। (स्रोत फीचर्स)

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माटी समाज सेवी संस्था का अभिनव प्रयास
एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें...
माटी समाज सेवी संस्था, समाज के विभिन्न जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने समाज से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,पर्यावरण, प्रदूषण आदि क्षेत्रों में काम करते हुए जागरुकता लाने का प्रयास किया है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है।
बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से कारीगर आदिवासियों के बीच काम रही “साथी समाज सेवी संस्था” द्वारा संचालित स्कूल “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपए तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक लोग पिछले कई सालों से माटी संस्था के माध्यम से “साथी राऊंड टेबल गुरूकुल” के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। पिछले कई वर्षों से माटी समाज सेवी संस्था उक्त स्कूल के लगभग 15 से 20 बच्चों के लिए शिक्षा शुल्क एकत्रित कर रही है। अनुदान देने वालों में शामिल हैं- प्रियंका-गगन सयाल, लंदन मैनचेस्टर, डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, तरुण खिचरिया, दुर्ग (पत्नी श्रीमती कुमुदिनी खिचरिया की स्मृति में), श्री राजेश चंद्रवंशी (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, पी. एस. राठौर- अहमदाबाद। इस मुहिम में नए युवा सदस्य जुड़ें हैं- आयुश चंद्रवंशी रायपुर, जिन्होंने अपने पहले वेतन से एक बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठायी है, जो स्वागतेय पहल है। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, पंडरी, रायपुर (छग) 492 004, मोबा.94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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