November 03, 2020

व्यंग्य- प्यार और व्यापार

-तर अली

व्यापार की तरह मोहब्बत नहीं हो सकती और मोहब्बत की तरह व्यापार नहीं हो सकता। मैं  व्यापार और मोहब्बत दोनों में नाकामयब रहा। व्यापार भरोसे पर किया और मोहब्बत में तहकीकात किया, नतीजा यह निकला कि मेरी पूँजी दूसरो के जेब में और मेरी माशूका का दिल किसी दूसरे के सीने में धड़कने लगा। मोहब्बत की कामयाबी में मूर्खता का और व्यापार की सफलता में होशियारी का बहुत बड़ा योगदान होता है। मोबाइल में केलकुलेटर और वीडियो कॉल दोनों की सुविधा है; लेकिन इसका इस्तेमाल दिमाग़ में होना चाहि। आशिक के लिए केलकुलेटर ज़हर के समान है , वीडियो काल ही उसकी सफ़लता की कुंजी है। मोबाल में वीडियो काल की सुविधा विज्ञान की नहीं, मोहब्बत की देन है वह वैज्ञानिक ज़रूर एक आशिक भी होगा।

स्टाक व्यापारी की पूँजी और दीवानगी आशिक का स्टॉक है। जैसे व्यापारी के पास तिजोरी होती है वैसे ही प्रेमी की पास दिल होता है। गोदाम पर व्यापारी की आँखें होती है और आँखें ही आशिक का गोदाम होती है। बैंक व्यापारी का गार्डन है और गार्डन आशिक का बैंक है। इतवार व्यापारी का छुट्टी का दिन होता है और आशिक का वर्किंग डे। शनिवार को व्यापारी और इतवार को आशिक बहुत व्यस्त रहते है।

व्यापार और प्रेम दोनों माध्यमों में पेमेंट का ख़ास महत्त्व होता है अंतर बस यह है कि व्यापारी पेमेंट लेता है और प्रेमी पेमेंट देता है। व्यापारी की कोशिश ज़्यादा से ज़्यादा बचाने की और आशिक की कोशिश ज़्यादा से ज़्यादा लुटाने की होती है। कम लाभ भी व्यापारी की हानि है और अधिक हानि ही प्रेमी का लाभ है। व्यापारी खरीद कर गिफ़्ट का आयटम बेचता है और आशिक अपना कुछ कुछ बेचकर गिफ़्ट का आयटम खरीदता है। व्यापार में जो महत्त्व जी. एस. टी. नम्बर का है प्रेम में वही महत्त्व मोबाल नम्बर का है। जैसे व्यापारी के पास एक सी.ए. होता है, वैसे ही प्रेमी के पास प्रेमिका की सहेली होती है दिक्कतों का समाधान ये ही किया करते हैं

व्यापार और प्रेम दोनों में शो रू की सजावट अच्छा ख़ासा मायने रखती है। शो रूम में व्यापारी का जिस्म होता है और जिस्म ही आशिक का शो रूम होता है। व्यापारी के हाथ में हमेशा देनदारों की और आशिक के हाथ में हमेशा लेनदारों की सूची होती है। भ्रष्टाचार और शिष्टाचार क्रमशः व्यापार और प्रेम के आवश्यक तत्त्व है । व्यापारी दिन भर और प्रेमी रात भर जागता है। व्यापारी राह देखता है कि कब सूर्य व्यस्त हो और प्रेमी इंतज़ार करता है कि सूर्य कब अस्त हो। प्रचार- प्रसार व्यापार के लिए जितना लाभप्रद है, प्रेम के लिए उतना ही हानिकारक। प्रेमी सच और व्यापारी झूठ के अलावा और कुछ नहीं कहता। प्रेम और व्यापार दोनों में जगह का ख़ास महत्त्व है , दोनों हमेशा जगह की जुगाड़ में रहते है। व्यापारी की नज़र शहर के बीचों- बीच भीड़ -भाड़ वाली जगह पर और प्रेमी की नज़र शहर से दूर सुनसान जगह पर रहती है। प्रकाश की अधिकता और अन्धकार की गहनता दोनों की आवश्यक आवश्यकता है, व्यापारी की बिल बुक और प्रेमी का दिल बुक होता है।

व्यापार उधार वाला प्रेम और प्रेम नगद वाला व्यापार है, व्यापार में हड़प और प्यार में तड़प, व्यापार में तदबीर और प्यार में तकदीर, व्यापार में फैलना और प्यार में सिमटना, व्यापार में दमन और प्यार में चमन इनके उरूज का प्रतीक है। व्यापारी के हाथ में प्रास लिस्ट और प्रेमी के हाथ में गिफ्ट लिस्ट होती है। व्यापारी बहुत सारी पार्टी के साथ एक प्रकार का काम करता है और प्रेमी अपनी एक ही पार्टी के साथ अनेक प्रकार के काम करता है। व्यापारी पसीने में और प्रेमी परफ्यूम में नहाया हुआ रहता है। व्यापार करने वालों कि पसीने की बूँदें और प्यार करने वालों की आँसू की बूँदें बहती है। व्यापारी को बिल का दर्द होता है आशिक को दिल का दर्द होता है। व्यापार में वारंटी होती है, प्यार में गारंटी होती है , टूटे सामान को जोड़ा जा सकता है; लेकिन टूटे दिल को समय का कोई फेवीकोल नहीं जोड़ सकता।

व्यापारी काजू और प्रेमी  मूँगफली खाता है, लेकिन व्यापारी काजू में वह स्वाद नहीं पाता जो स्वाद प्रेमी मूँगफली में पा जाता है, मोहब्बत के सम्पर्क में आकर मूँगफली काजू हो जाती है। व्यापारी की यही ख्वाहिश होती है कि ये वाला आर्डर भी मिल जाए, वो वाला आर्डर भी मिल जा, यहाँ का ठेका भी मिल जा वहाँ का ठेका भी मिल जाए। जो प्रेमी है उसे अब और कुछ नहीं चाहिए वह हमेशा यही कहता है - सब कुछ खुदा से माँग लिया तुम को माँगकर - उठते नहीं है हाथ अब इस दुआ के बाद। व्यापारी सदा असंतुष्ट और प्रेमी संतुष्ट रहता है, तभी तो प्रेमी का यही फ़कीराना अंदाज़ होता है कि - ये दुनिया हो या वो दुनिया – अब ख्वाहिशे- दुनिया कौन करे।


व्यापारी का हर कदम सुरक्षित होता है - प्रेमी का हर कदम रिस्की होता है। व्यापारी साहिल पर खड़े होकर तूफ़ान का नज़ारा देखता है और आशिक उसी तूफ़ान में तैर का दरिया पार करता है। व्यापारी के लि
पैसा जैसा आकर्षक कुछ नहीं है और प्रेमी के लिए पैसा जैसा तुच्छ कुछ नहीं है। व्यापार में डिस्प्ले हलाल और इश्क में हराम है। व्यापार में गारंटी का वादा है - प्यार में वादे की गारंटी है, व्यापार में गारंटी का वही स्थान है, जो स्थान मोहब्बत में कसम का है । व्यापार में चीज़ों को छपाना और इश्क में छुपाना होता है। टाटा व्यापार के मजनू और मजनू प्यार का टाटा है। अगर तलाशी ली जाए, तो प्रेमी कि आलमारी में त और व्यापारी कि आलमारी में ख़ाता मिलेगा, त और ख़ाता में ही इनके प्राण अटके रहते हैं।

दीवाली व्यापारी की बरसात और बरसात प्रेमी की दीवाली है व्यापार में जो महत्त्व धन का है, प्रेम में वही महत्त्व तन का हैव्यापारी पूँजी के अखाड़े का पहलवान तो प्रेमी इश्क के सागर का गोताखोर है प्रेम में रूठने और व्यापार में मनाने का चलन है व्यापारी को हिचकिया और प्रेमी को सिसकिया बहुत आती है 

अकल व्यापार कीलता और प्यार की विफ़लता का आधार है। व्यापार में गंदगी गर्व की बात और प्रेम में शर्म की बात है। सौदेबाजी व्यापार का गुण और प्यार का अवगुण होता है। जैसे व्यापारी के पास कम्पनी और प्रोडक्ट की सूची होती है वैसे ही आशिक के पास शायरों और उनकी रचनाओं का संकलन होता है। जन्मदिन दोनों मनाते है , बस अंतर यह है कि इस अवसर पर व्यापारी चेक काटता है और प्रेमी केक काटता है। व्यापारी अपनी दुकान के बारे में सब को बताता है; लेकिन फिर भी कोई नहीं जान पाता है और प्रेमी अपना प्रेम सब से छुपाता है, फिर भी सब जान जाते हैं। व्यापारी बोलकर पलट जाता है - प्रेमी पलट कर बोलता है। सफ़ल प्यार और असफ़ल व्यापार कही दर्ज नहीं होते इनका कोई इतिहास नहीं होता। व्यापार में सप्ताह में एक दिन छुट्टी का दिन होता है लेकिन प्रेम में 24 X 7 की ड्यूटी देनी होती है , वरिष्ठ प्रेमियों ने तो माँग भी की थी - अपनी यादों से कहो एक दिन कि दे छुट्टी मुझे-  इश्क के हिस्से में भी इतवार आना चाहि”।

उम्र के पड़ाव में  मैं अब न व्यापारी हूँ, न आशिक अब इश्के- ख़ुदा ही मेरा धंधा है सो मैं अपने रब से हर व्यापारी और हर आशिक की कामयाबी कि दुआ माँगता हूँ

सम्पर्कः निकट मेडी हेल्थ हास्पिटल , आमानाका , रायपुर ( छत्तीसगढ़ ), मो.न. 9826126781

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एक बच्चे की जिम्मेदारी आप भी लें

अभिनव प्रयास- माटी समाज सेवी संस्था, जागरुकता अभियान के क्षेत्र में काम करती रही है। इसी कड़ी में गत कई वर्षों से यह संस्था बस्तर के जरुरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए धन एकत्रित करने का अभिनव प्रयास कर रही है। बस्तर कोण्डागाँव जिले के कुम्हारपारा ग्राम में बरसों से आदिवासियों के बीच काम रही 'साथी समाज सेवी संस्था' द्वारा संचालित स्कूल 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' में ऐसे आदिवासी बच्चों को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता उन्हें पढ़ाने में असमर्थ होते हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ परंपरागत कारीगरी की नि:शुल्क शिक्षा भी दी जाती है। प्रति वर्ष एक बच्चे की शिक्षा में लगभग चार हजार रुपये तक खर्च आता है। शिक्षा सबको मिले इस विचार से सहमत अनेक जागरुक सदस्य पिछले कई सालों से माटी समाज सेवी संस्था के माध्यम से 'साथी राऊंड टेबल गुरूकुल' के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेते आ रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि नये साल से एक और सदस्य हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' नई दिल्ली, नोएडा से। पिछले कई वर्षों से अनुदान देने वाले अन्य सदस्यों के नाम हैं- प्रियंका-गगन सयाल, मेनचेस्टर (यू.के.), डॉ. प्रतिमा-अशोक चंद्राकर रायपुर, सुमन-शिवकुमार परगनिहा, रायपुर, अरुणा-नरेन्द्र तिवारी रायपुर, डॉ. रत्ना वर्मा रायपुर, राजेश चंद्रवंशी, रायपुर (पिता श्री अनुज चंद्रवंशी की स्मृति में), क्षितिज चंद्रवंशी, बैंगलोर (पिता श्री राकेश चंद्रवंशी की स्मृति में)। इस प्रयास में यदि आप भी शामिल होना चाहते हैं तो आपका तहे दिल से स्वागत है। आपके इस अल्प सहयोग से एक बच्चा शिक्षित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल तो होगा ही साथ ही देश के विकास में भागीदार भी बनेगा। तो आइए देश को शिक्षित बनाने में एक कदम हम भी बढ़ाएँ। सम्पर्क- माटी समाज सेवी संस्था, रायपुर (छ. ग.) 492 004, मोबा. 94255 24044, Email- drvermar@gmail.com

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