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| चित्रः डॉ. सुनीता वर्मा भिलाई, छत्तीसगढ़ |
"प्रकृति का अध्ययन करो,
प्रकृति से प्रेम करो,
प्रकृति के करीब रहो।
प्रकृति तुम्हें कभी निराश नहीं करेगी।"
- फ्रैंक लॉयड राइट
अनकहीः नेपाल आपदाः प्रकृति का कहर या... – डॉ. रत्ना वर्मा
पर्यावरणः जलवायु परिवर्तन और लुप्त होता अमरनाथ शिवलिंग - पंकज चतुर्वेदी
आलेखः अ द् भु त योगदान देने वाली, भारतीय महिला वैज्ञानिक - निर्देश निधि
हाइकुः किसान की कथाएँ - भीकम सिंह
प्रदूषणः ई-कचरे के समाधान की दिशा में बड़ी उपलब्धि - प्रमोद भार्गव
विज्ञानः झगड़े से बचना हो तो गले मिलें
बाल कहानीः सिया का सपना - डॉ. वंदना शर्मा
लघुकथाः प्रार्थनाएँ - अनिता मण्डा
कविताः मृत्यु, तू जब भी आना... - डॉ. पूनम चौधरी
संस्मरणः भाऊ जी - सुदर्शन रत्नाकर
जागरूकताः प्राथमिक आवश्यकता- न फैशन न दिखावा - लिली मित्रा
कहानीः बड़ी जिज्जी - डॉ. रंजना जायसवाल
व्यंग्यः भेंट एक लेखक से - गिरिराजशरण अग्रवाल
तीन कविताएँः शांति की प्रतीक्षा, लांछन, रूका वक्त - रेखा शाह आरबी

प्रकृति, पर्यावरण, विज्ञान, साहित्य और समसामयिक विषयों पर केंद्रित उदंती का सितम्बर अंक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक है। ज़ाहिर है हर निखरते अंक का श्रेय सम्पादक के परिश्रम ,दूरदर्शिता और रचनाकारों के सहयोग को जाता है। आपको एवं सभी रचनाकारों को हार्दिक बधाई । मेरे संस्मरण को उदंती जैसी श्रेष्ठ पत्रिका में शामिल करने के लिए आपका बहुत-बहुत आभार ।सुदर्शन रत्नाकर
ReplyDeletehttps://www.udanti.com/2026/09/spt-ank.html?m=0