उदंती.com
(Move to ...)
Home
▼
Showing posts with label
डॉ. विभा रंजन
.
Show all posts
Showing posts with label
डॉ. विभा रंजन
.
Show all posts
Jun 1, 2022
कविताः मैं वही पेड़ हूँ
›
- डॉ. विभा रंजन (कनक) मैं वही पेड़ हूँ.. जब तुम्हारी माँ को.. सवारी नहीं मिली.. यहीं ठहर.. आगे बढ़ी थी.. आज तुम मुझे.. काटने आ...
Sep 3, 2021
लघुकथा- जहाँ जागे वहीं सवेरा
›
- डॉ. विभा रंजन (कनक) जानकी का दर्द जब असहनीय हो गया , तब उसने अपनी बहू श्वेता को आवाज दी। ‘ आपने बुलाया मम्मी जी.! ’ ‘हाँ, मेरे घुटने ...
1 comment:
›
Home
View web version